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CJP प्रदर्शन पर सोनम बाजवा के पोस्ट से छिड़ी बहस, बाब्बू मान ने कलाकारों पर राजनीतिक दबाव का किया विरोध
बालीवुड न्यूज़
दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की तस्वीरों पर सोनम ने जताई थी चिंता, सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध के बीच कलाकारों की राजनीतिक भूमिका पर शुरू हुई नई चर्चा
दिल्ली में CJP के छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर अभिनेत्री सोनम बाजवा की प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। सोनम ने प्रदर्शन से सामने आए दृश्यों पर दुख जताते हुए छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की अपील की थी। उनकी प्रतिक्रिया के बाद कुछ लोगों ने उनका समर्थन किया, जबकि कुछ यूजर्स ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दे पर कलाकारों के बोलने को लेकर सवाल उठाए। इसी विवाद के बीच पंजाबी गायक और अभिनेता बाब्बू मान का रुख भी चर्चा में आ गया है।
सोनम बाजवा ने दिल्ली में हुए घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान सामने आए वीडियो और तस्वीरों को लेकर कहा कि इन्हें देखकर उनका दिल टूट गया। अभिनेत्री का कहना था कि छात्रों की आवाज को खतरे की तरह देखने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले को किसी राजनीतिक पक्ष को चुनने के बजाय इंसानियत और संवेदनशीलता से जोड़कर देखने की बात कही थी।
सोनम की पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आने लगीं। बड़ी संख्या में यूजर्स ने छात्रों के मुद्दे पर आवाज उठाने के लिए उनका समर्थन किया, वहीं कुछ लोगों ने उनके बयान को राजनीतिक नजरिए से देखना शुरू कर दिया। इसी के साथ यह सवाल भी उठने लगा कि फिल्मों और संगीत से जुड़े कलाकारों को राजनीतिक या सामाजिक विवादों पर कितना बोलना चाहिए। सोनम की पोस्ट इसी वजह से मनोरंजन जगत से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई।
इस बीच बाब्बू मान को लेकर सामने आई रिपोर्ट्स में अलग-अलग दावे देखने को मिले हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया कि उन्होंने सोनम बाजवा का समर्थन करते हुए कलाकारों को राजनीतिक खेमों में बांटने का विरोध किया और कहा कि मानवीय मुद्दों पर राय रखने के कारण कलाकारों को राजनीतिक लेबल नहीं दिया जाना चाहिए। हालांकि दूसरी मीडिया रिपोर्ट्स में बाब्बू मान का रुख CJP आंदोलन से दूरी बनाने वाला बताया गया है। इसलिए उनके बयान को सीधे प्रदर्शन के समर्थन के रूप में देखना पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक बाब्बू मान ने कलाकारों की अभिव्यक्ति को लेकर कहा कि मनोरंजन जगत से जुड़े लोग भी पहले नागरिक हैं और उन्हें किसी मानवीय मुद्दे पर चिंता जताने का अधिकार है। किसी कलाकार की राय से असहमति हो सकती है, लेकिन उसे तुरंत किसी राजनीतिक विचारधारा से जोड़ देना सही तरीका नहीं है। उन्होंने सार्वजनिक चर्चा में व्यक्तिगत हमलों से बचने और अलग राय रखने वालों के प्रति सम्मान बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
हालांकि बाब्बू मान के CJP आंदोलन को लेकर व्यापक रुख पर दूसरी तस्वीर भी सामने आई है। पंजाबी मनोरंजन से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने आंदोलन का सीधा समर्थन करने से दूरी बनाई और यह सवाल उठाया कि हर राष्ट्रीय आंदोलन में पंजाबियों से ही सबसे आगे रहने की उम्मीद क्यों की जाती है। इससे साफ है कि सोनम की अभिव्यक्ति के अधिकार का समर्थन करना और खुद CJP आंदोलन का समर्थन करना दो अलग बातें हैं, जिन्हें एक साथ मिलाकर नहीं देखा जाना चाहिए।
दिल्ली में CJP के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और अन्य प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्च जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के दौरान बल प्रयोग और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों के एक हिस्से को आक्रामक और हिंसक बताया गया, जबकि आंदोलन से जुड़े लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए।
यह आंदोलन शिक्षा से जुड़े मुद्दों और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा है। प्रदर्शन के दौरान सामने आए वीडियो ने सोशल मीडिया पर काफी ध्यान खींचा। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की तस्वीरें वायरल होने के बाद फिल्म और मनोरंजन जगत से भी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। सोनम बाजवा उन्हीं कलाकारों में शामिल रहीं जिन्होंने सार्वजनिक रूप से छात्रों के प्रति सहानुभूति जताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
सोनम ने अपनी प्रतिक्रिया में किसी राजनीतिक पार्टी के पक्ष या विपक्ष में सीधे बयान देने के बजाय छात्रों की आवाज सुनने की बात कही। उनका जोर इस बात पर था कि युवा प्रदर्शनकारियों से बल के बजाय संवाद के जरिए निपटा जाना चाहिए। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी साफ करने की कोशिश की कि उनकी प्रतिक्रिया किसी एक पक्ष को चुनने के बारे में नहीं है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उनके बयान की अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं होने लगीं।
सोनम अकेली फिल्मी हस्ती नहीं हैं जिन्होंने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने भी छात्रों के आंदोलन और सोनम वांगचुक से जुड़े घटनाक्रम पर अपनी बात रखी। उन्होंने सरकार से छात्रों और आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ सार्थक बातचीत शुरू करने की अपील की। रिपोर्ट्स के मुताबिक अन्य फिल्मी और सार्वजनिक हस्तियों ने भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई तथा छात्रों की मांगों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं।
पंजाबी मनोरंजन जगत के भीतर भी इस आंदोलन को लेकर एक जैसी राय सामने नहीं आई है। कुछ कलाकारों ने छात्रों के समर्थन और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने आंदोलन से दूरी बनाए रखी या मुद्दे को राजनीतिक रंग देने से बचने की बात कही। इसी वजह से CJP प्रदर्शन पर कलाकारों की प्रतिक्रियाएं खुद एक अलग बहस बन गई हैं। बाब्बू मान का नाम भी इसी संदर्भ में चर्चा में आया है।
बाब्बू मान लंबे समय से पंजाबी संगीत और फिल्मों का जाना-पहचाना नाम हैं। सामाजिक मुद्दों पर उनके बयान पहले भी चर्चा में आते रहे हैं। इस बार बहस केवल उनके राजनीतिक रुख तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी केंद्र में है कि क्या किसी कलाकार द्वारा मानवीय आधार पर चिंता जताने को उसकी राजनीतिक विचारधारा से जोड़ना चाहिए। सोशल मीडिया पर इसी बिंदु को लेकर समर्थकों और आलोचकों के बीच लगातार बहस दिखाई दे रही है।
पिछले कुछ वर्षों में फिल्म कलाकारों, गायकों और खिलाड़ियों की सोशल मीडिया मौजूदगी बढ़ने के साथ उनकी सार्वजनिक टिप्पणियों की जांच भी ज्यादा होने लगी है। किसी सामाजिक या राजनीतिक घटना पर पोस्ट करते ही उनकी बात लाखों लोगों तक पहुंचती है। इसके बाद अक्सर बयान के समर्थन और विरोध में ऑनलाइन कैंपेन शुरू हो जाते हैं। कई बार कलाकार की मूल टिप्पणी से ज्यादा चर्चा इस बात पर होने लगती है कि उसने किस पक्ष का समर्थन किया या किस मुद्दे पर चुप्पी साधी।
सोनम बाजवा के मामले में भी कुछ ऐसी ही स्थिति बनी। उनकी मूल प्रतिक्रिया छात्रों के साथ हुए व्यवहार और संवेदनशीलता की अपील पर केंद्रित थी, लेकिन जल्द ही बहस कलाकारों के राजनीति में बोलने या न बोलने तक पहुंच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक सोनम ने अपनी शुरुआती पोस्ट के बाद विवाद पर कोई विस्तृत नई सफाई जारी नहीं की है। उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया पर लगातार साझा की जा रही है और उस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
बाब्बू मान के बयान को लेकर भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं। कुछ लोग कलाकारों को स्वतंत्र रूप से अपनी राय रखने का अधिकार देने की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि बड़े सार्वजनिक मंच वाले सितारों के बयानों का व्यापक असर होता है और इसलिए उन्हें संवेदनशील मुद्दों पर ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए। दूसरी ओर उनके CJP आंदोलन से दूरी बनाने वाले कथित रुख को लेकर भी पंजाबी मनोरंजन जगत में अलग चर्चा चल रही है।
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CJP प्रदर्शन पर सोनम बाजवा के पोस्ट से छिड़ी बहस, बाब्बू मान ने कलाकारों पर राजनीतिक दबाव का किया विरोध
बालीवुड न्यूज़
दिल्ली में CJP के छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर अभिनेत्री सोनम बाजवा की प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। सोनम ने प्रदर्शन से सामने आए दृश्यों पर दुख जताते हुए छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की अपील की थी। उनकी प्रतिक्रिया के बाद कुछ लोगों ने उनका समर्थन किया, जबकि कुछ यूजर्स ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दे पर कलाकारों के बोलने को लेकर सवाल उठाए। इसी विवाद के बीच पंजाबी गायक और अभिनेता बाब्बू मान का रुख भी चर्चा में आ गया है।
सोनम बाजवा ने दिल्ली में हुए घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान सामने आए वीडियो और तस्वीरों को लेकर कहा कि इन्हें देखकर उनका दिल टूट गया। अभिनेत्री का कहना था कि छात्रों की आवाज को खतरे की तरह देखने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले को किसी राजनीतिक पक्ष को चुनने के बजाय इंसानियत और संवेदनशीलता से जोड़कर देखने की बात कही थी।
सोनम की पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आने लगीं। बड़ी संख्या में यूजर्स ने छात्रों के मुद्दे पर आवाज उठाने के लिए उनका समर्थन किया, वहीं कुछ लोगों ने उनके बयान को राजनीतिक नजरिए से देखना शुरू कर दिया। इसी के साथ यह सवाल भी उठने लगा कि फिल्मों और संगीत से जुड़े कलाकारों को राजनीतिक या सामाजिक विवादों पर कितना बोलना चाहिए। सोनम की पोस्ट इसी वजह से मनोरंजन जगत से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई।
इस बीच बाब्बू मान को लेकर सामने आई रिपोर्ट्स में अलग-अलग दावे देखने को मिले हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया कि उन्होंने सोनम बाजवा का समर्थन करते हुए कलाकारों को राजनीतिक खेमों में बांटने का विरोध किया और कहा कि मानवीय मुद्दों पर राय रखने के कारण कलाकारों को राजनीतिक लेबल नहीं दिया जाना चाहिए। हालांकि दूसरी मीडिया रिपोर्ट्स में बाब्बू मान का रुख CJP आंदोलन से दूरी बनाने वाला बताया गया है। इसलिए उनके बयान को सीधे प्रदर्शन के समर्थन के रूप में देखना पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक बाब्बू मान ने कलाकारों की अभिव्यक्ति को लेकर कहा कि मनोरंजन जगत से जुड़े लोग भी पहले नागरिक हैं और उन्हें किसी मानवीय मुद्दे पर चिंता जताने का अधिकार है। किसी कलाकार की राय से असहमति हो सकती है, लेकिन उसे तुरंत किसी राजनीतिक विचारधारा से जोड़ देना सही तरीका नहीं है। उन्होंने सार्वजनिक चर्चा में व्यक्तिगत हमलों से बचने और अलग राय रखने वालों के प्रति सम्मान बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
हालांकि बाब्बू मान के CJP आंदोलन को लेकर व्यापक रुख पर दूसरी तस्वीर भी सामने आई है। पंजाबी मनोरंजन से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने आंदोलन का सीधा समर्थन करने से दूरी बनाई और यह सवाल उठाया कि हर राष्ट्रीय आंदोलन में पंजाबियों से ही सबसे आगे रहने की उम्मीद क्यों की जाती है। इससे साफ है कि सोनम की अभिव्यक्ति के अधिकार का समर्थन करना और खुद CJP आंदोलन का समर्थन करना दो अलग बातें हैं, जिन्हें एक साथ मिलाकर नहीं देखा जाना चाहिए।
दिल्ली में CJP के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और अन्य प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्च जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के दौरान बल प्रयोग और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों के एक हिस्से को आक्रामक और हिंसक बताया गया, जबकि आंदोलन से जुड़े लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए।
यह आंदोलन शिक्षा से जुड़े मुद्दों और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा है। प्रदर्शन के दौरान सामने आए वीडियो ने सोशल मीडिया पर काफी ध्यान खींचा। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की तस्वीरें वायरल होने के बाद फिल्म और मनोरंजन जगत से भी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। सोनम बाजवा उन्हीं कलाकारों में शामिल रहीं जिन्होंने सार्वजनिक रूप से छात्रों के प्रति सहानुभूति जताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
सोनम ने अपनी प्रतिक्रिया में किसी राजनीतिक पार्टी के पक्ष या विपक्ष में सीधे बयान देने के बजाय छात्रों की आवाज सुनने की बात कही। उनका जोर इस बात पर था कि युवा प्रदर्शनकारियों से बल के बजाय संवाद के जरिए निपटा जाना चाहिए। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी साफ करने की कोशिश की कि उनकी प्रतिक्रिया किसी एक पक्ष को चुनने के बारे में नहीं है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उनके बयान की अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं होने लगीं।
सोनम अकेली फिल्मी हस्ती नहीं हैं जिन्होंने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने भी छात्रों के आंदोलन और सोनम वांगचुक से जुड़े घटनाक्रम पर अपनी बात रखी। उन्होंने सरकार से छात्रों और आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ सार्थक बातचीत शुरू करने की अपील की। रिपोर्ट्स के मुताबिक अन्य फिल्मी और सार्वजनिक हस्तियों ने भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई तथा छात्रों की मांगों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं।
पंजाबी मनोरंजन जगत के भीतर भी इस आंदोलन को लेकर एक जैसी राय सामने नहीं आई है। कुछ कलाकारों ने छात्रों के समर्थन और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने आंदोलन से दूरी बनाए रखी या मुद्दे को राजनीतिक रंग देने से बचने की बात कही। इसी वजह से CJP प्रदर्शन पर कलाकारों की प्रतिक्रियाएं खुद एक अलग बहस बन गई हैं। बाब्बू मान का नाम भी इसी संदर्भ में चर्चा में आया है।
बाब्बू मान लंबे समय से पंजाबी संगीत और फिल्मों का जाना-पहचाना नाम हैं। सामाजिक मुद्दों पर उनके बयान पहले भी चर्चा में आते रहे हैं। इस बार बहस केवल उनके राजनीतिक रुख तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी केंद्र में है कि क्या किसी कलाकार द्वारा मानवीय आधार पर चिंता जताने को उसकी राजनीतिक विचारधारा से जोड़ना चाहिए। सोशल मीडिया पर इसी बिंदु को लेकर समर्थकों और आलोचकों के बीच लगातार बहस दिखाई दे रही है।
पिछले कुछ वर्षों में फिल्म कलाकारों, गायकों और खिलाड़ियों की सोशल मीडिया मौजूदगी बढ़ने के साथ उनकी सार्वजनिक टिप्पणियों की जांच भी ज्यादा होने लगी है। किसी सामाजिक या राजनीतिक घटना पर पोस्ट करते ही उनकी बात लाखों लोगों तक पहुंचती है। इसके बाद अक्सर बयान के समर्थन और विरोध में ऑनलाइन कैंपेन शुरू हो जाते हैं। कई बार कलाकार की मूल टिप्पणी से ज्यादा चर्चा इस बात पर होने लगती है कि उसने किस पक्ष का समर्थन किया या किस मुद्दे पर चुप्पी साधी।
सोनम बाजवा के मामले में भी कुछ ऐसी ही स्थिति बनी। उनकी मूल प्रतिक्रिया छात्रों के साथ हुए व्यवहार और संवेदनशीलता की अपील पर केंद्रित थी, लेकिन जल्द ही बहस कलाकारों के राजनीति में बोलने या न बोलने तक पहुंच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक सोनम ने अपनी शुरुआती पोस्ट के बाद विवाद पर कोई विस्तृत नई सफाई जारी नहीं की है। उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया पर लगातार साझा की जा रही है और उस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
बाब्बू मान के बयान को लेकर भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं। कुछ लोग कलाकारों को स्वतंत्र रूप से अपनी राय रखने का अधिकार देने की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि बड़े सार्वजनिक मंच वाले सितारों के बयानों का व्यापक असर होता है और इसलिए उन्हें संवेदनशील मुद्दों पर ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए। दूसरी ओर उनके CJP आंदोलन से दूरी बनाने वाले कथित रुख को लेकर भी पंजाबी मनोरंजन जगत में अलग चर्चा चल रही है।
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