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भारत से T20 मुकाबलों के लिए जिम्बाब्वे का स्क्वॉड तय, सिकंदर रजा संभालेंगे कमान
स्पोर्ट्स डेस्क
हरारे में 23 जुलाई से शुरू होगी तीन मैचों की सीरीज, मधेवेरे और न्यामहुरी की वापसी; युवा विकेटकीपर ताफदजवा त्सिगा को पहली बार T20I टीम में मिला मौका
भारत के खिलाफ घरेलू मैदान पर होने वाली तीन मैचों की T20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए जिम्बाब्वे ने अपनी 15 सदस्यीय टीम तय कर दी है। अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रजा को कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई है। सीरीज का पहला मुकाबला 23 जुलाई को खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें 25 जुलाई को दूसरे और 26 जुलाई को तीसरे T20 में आमने-सामने होंगी। तीनों मुकाबले हरारे स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित किए जाएंगे।
भारत के खिलाफ उतरने वाली जिम्बाब्वे टीम में चयनकर्ताओं ने पुराने अनुभव के साथ कुछ नए विकल्पों पर भी भरोसा जताया है। ऑलराउंडर वेस्ली मधेवेरे की स्क्वॉड में वापसी हुई है, जबकि तेज गेंदबाज न्यूमैन न्यामहुरी को भी दोबारा मौका मिला है। सबसे ज्यादा ध्यान विकेटकीपर-बल्लेबाज ताफदजवा त्सिगा के चयन ने खींचा है। त्सिगा को पहली बार जिम्बाब्वे की T20 इंटरनेशनल टीम में शामिल किया गया है।
पिछली बांग्लादेश सीरीज की टीम से तुलना करें तो जिम्बाब्वे ने कुछ खिलाड़ियों को बाहर भी किया है। क्लाइव मडांडे, टिनोटेंड मापोसा और ताशिंगा मुसेकिवा भारत के खिलाफ होने वाली इस सीरीज के स्क्वॉड में शामिल नहीं हैं। उनकी जगह टीम मैनेजमेंट ने अलग संयोजन के साथ उतरने का फैसला किया है। तीन मैचों की छोटी सीरीज होने के कारण खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने के लिए ज्यादा समय नहीं होगा।
जिम्बाब्वे ने हाल के समय में अलग-अलग फॉर्मेट में उतार-चढ़ाव वाला प्रदर्शन किया है। बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट और वनडे मुकाबलों में टीम ने जीत दर्ज कर अपनी क्षमता दिखाई थी, हालांकि T20 सीरीज में उसे हार का सामना करना पड़ा। अब उसके सामने भारत की चुनौती है। घरेलू मैदान और परिचित परिस्थितियां मेजबान खिलाड़ियों के पक्ष में रह सकती हैं, लेकिन भारतीय टीम के खिलाफ उन्हें तीनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
सिकंदर रजा एक बार फिर जिम्बाब्वे की रणनीति के केंद्र में रहेंगे। वह टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं और बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी योगदान देने की क्षमता रखते हैं। कप्तानी करते हुए मध्यक्रम को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर होगी। दबाव के समय मैच की दिशा बदलने की उनकी क्षमता को देखते हुए टीम मैनेजमेंट को इस सीरीज में उनसे काफी उम्मीदें रहेंगी।
बल्लेबाजी और ऑलराउंड विभाग में जिम्बाब्वे ने कई विकल्प रखे हैं। ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, बेन करन, ब्रैड इवांस, वेस्ली मधेवेरे, तदिवानाशे मारुमानी, डियोन मायर्स और मिल्टन शुम्बा को 15 सदस्यीय दल में जगह मिली है। इनमें कई खिलाड़ी बल्लेबाजी के अलावा गेंद से भी योगदान दे सकते हैं। इससे कप्तान सिकंदर रजा के पास परिस्थितियों के हिसाब से प्लेइंग इलेवन तैयार करने के विकल्प बढ़ेंगे।
वेस्ली मधेवेरे की वापसी जिम्बाब्वे के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वह बल्लेबाजी के साथ जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी का विकल्प भी उपलब्ध कराते हैं। T20 क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों की भूमिका काफी अहम होती है, जो एक से अधिक विभागों में टीम के काम आ सकें। भारत के खिलाफ सीरीज में मधेवेरे को मौका मिलता है तो उनके प्रदर्शन पर नजर रहेगी। खासतौर पर मध्यक्रम में उनसे तेजी से रन बनाने की उम्मीद की जा सकती है।
विकेटकीपिंग विभाग में इस बार ताफदजवा त्सिगा को मौका देकर चयनकर्ताओं ने नया विकल्प चुना है। पहली बार T20I स्क्वॉड में शामिल किए गए त्सिगा के लिए भारत जैसी टीम के खिलाफ सीरीज बड़ा अवसर हो सकती है। अगर उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है तो बल्लेबाजी के साथ विकेट के पीछे भी उनकी परीक्षा होगी। युवा खिलाड़ी के लिए घरेलू दर्शकों के सामने इंटरनेशनल स्तर पर अपनी पहचान बनाने का यह अहम मौका रहेगा।
तेज गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजारबानी और रिचर्ड नगरवा पर मेजबान टीम की बड़ी जिम्मेदारी रहेगी। दोनों गेंदबाज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अच्छा अनुभव रखते हैं और नई गेंद से विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता रखते हैं। भारतीय बल्लेबाजी क्रम के सामने शुरुआती ओवरों में विकेट निकालना जिम्बाब्वे की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। डेथ ओवर्स में भी इन अनुभवी गेंदबाजों की भूमिका अहम रहने वाली है।
न्यूमैन न्यामहुरी की वापसी से तेज गेंदबाजी विभाग में एक और विकल्प जुड़ गया है। उनके साथ तनाका चिवांगा भी स्क्वॉड का हिस्सा हैं। स्पिन विभाग में वेलिंग्टन मसाकाद्जा को जगह दी गई है। हरारे की पिच और मैच के दिन की परिस्थितियों को देखकर टीम मैनेजमेंट गेंदबाजी संयोजन तय कर सकता है। लगातार एक ही मैदान पर तीन मुकाबले होने के कारण दोनों टीमें परिस्थितियों को जल्दी समझने की कोशिश करेंगी।
भारत के खिलाफ यह सीरीज जिम्बाब्वे के कई युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का मौका भी होगी। बड़ी टीमों के खिलाफ घरेलू मैदान पर अच्छा प्रदर्शन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा सकता है। चयनकर्ताओं ने स्क्वॉड में ऐसे खिलाड़ियों को रखा है जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में विकल्प दे सकते हैं। हालांकि अंतिम प्लेइंग इलेवन में किन खिलाड़ियों को जगह मिलेगी, यह मैच की परिस्थितियों और टीम की रणनीति पर निर्भर करेगा।
तीन मैचों का कार्यक्रम भी काफी व्यस्त रहने वाला है। पहला T20 23 जुलाई को खेलने के बाद दोनों टीमों को एक दिन का अंतर मिलेगा और दूसरा मैच 25 जुलाई को होगा। इसके ठीक अगले दिन 26 जुलाई को तीसरा और आखिरी मुकाबला खेला जाएगा। आखिरी दोनों मैच लगातार दिनों में होने के कारण खिलाड़ियों की फिटनेस और गेंदबाजों के वर्कलोड को संभालना टीम मैनेजमेंट के लिए अहम रहेगा।
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में पूरी सीरीज आयोजित होने से जिम्बाब्वे को बार-बार यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। मेजबान टीम को मैदान, पिच और स्थानीय मौसम की जानकारी का भी फायदा मिलेगा। दूसरी ओर भारतीय टीम परिस्थितियों के मुताबिक खुद को जल्दी ढालने की कोशिश करेगी। सीरीज के शुरुआती मुकाबले का नतीजा आगे की रणनीति पर असर डाल सकता है, क्योंकि तीन मैचों की सीरीज में वापसी के लिए ज्यादा मुकाबले उपलब्ध नहीं रहते।
जिम्बाब्वे की घोषित 15 सदस्यीय टीम में सिकंदर रजा कप्तान होंगे। उनके साथ ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, बेन करन, ब्रैड इवांस, वेस्ली मधेवेरे, तदिवानाशे मारुमानी, डियोन मायर्स और मिल्टन शुम्बा शामिल हैं। विकेटकीपर के तौर पर ताफदजवा त्सिगा को जगह मिली है। गेंदबाजी विभाग में वेलिंग्टन मसाकाद्जा, ब्लेसिंग मुजारबानी, रिचर्ड नगरवा, न्यूमैन न्यामहुरी और तनाका चिवांगा को चुना गया है।
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भारत से T20 मुकाबलों के लिए जिम्बाब्वे का स्क्वॉड तय, सिकंदर रजा संभालेंगे कमान
स्पोर्ट्स डेस्क
भारत के खिलाफ घरेलू मैदान पर होने वाली तीन मैचों की T20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए जिम्बाब्वे ने अपनी 15 सदस्यीय टीम तय कर दी है। अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रजा को कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई है। सीरीज का पहला मुकाबला 23 जुलाई को खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें 25 जुलाई को दूसरे और 26 जुलाई को तीसरे T20 में आमने-सामने होंगी। तीनों मुकाबले हरारे स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित किए जाएंगे।
भारत के खिलाफ उतरने वाली जिम्बाब्वे टीम में चयनकर्ताओं ने पुराने अनुभव के साथ कुछ नए विकल्पों पर भी भरोसा जताया है। ऑलराउंडर वेस्ली मधेवेरे की स्क्वॉड में वापसी हुई है, जबकि तेज गेंदबाज न्यूमैन न्यामहुरी को भी दोबारा मौका मिला है। सबसे ज्यादा ध्यान विकेटकीपर-बल्लेबाज ताफदजवा त्सिगा के चयन ने खींचा है। त्सिगा को पहली बार जिम्बाब्वे की T20 इंटरनेशनल टीम में शामिल किया गया है।
पिछली बांग्लादेश सीरीज की टीम से तुलना करें तो जिम्बाब्वे ने कुछ खिलाड़ियों को बाहर भी किया है। क्लाइव मडांडे, टिनोटेंड मापोसा और ताशिंगा मुसेकिवा भारत के खिलाफ होने वाली इस सीरीज के स्क्वॉड में शामिल नहीं हैं। उनकी जगह टीम मैनेजमेंट ने अलग संयोजन के साथ उतरने का फैसला किया है। तीन मैचों की छोटी सीरीज होने के कारण खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने के लिए ज्यादा समय नहीं होगा।
जिम्बाब्वे ने हाल के समय में अलग-अलग फॉर्मेट में उतार-चढ़ाव वाला प्रदर्शन किया है। बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट और वनडे मुकाबलों में टीम ने जीत दर्ज कर अपनी क्षमता दिखाई थी, हालांकि T20 सीरीज में उसे हार का सामना करना पड़ा। अब उसके सामने भारत की चुनौती है। घरेलू मैदान और परिचित परिस्थितियां मेजबान खिलाड़ियों के पक्ष में रह सकती हैं, लेकिन भारतीय टीम के खिलाफ उन्हें तीनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
सिकंदर रजा एक बार फिर जिम्बाब्वे की रणनीति के केंद्र में रहेंगे। वह टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं और बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी योगदान देने की क्षमता रखते हैं। कप्तानी करते हुए मध्यक्रम को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर होगी। दबाव के समय मैच की दिशा बदलने की उनकी क्षमता को देखते हुए टीम मैनेजमेंट को इस सीरीज में उनसे काफी उम्मीदें रहेंगी।
बल्लेबाजी और ऑलराउंड विभाग में जिम्बाब्वे ने कई विकल्प रखे हैं। ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, बेन करन, ब्रैड इवांस, वेस्ली मधेवेरे, तदिवानाशे मारुमानी, डियोन मायर्स और मिल्टन शुम्बा को 15 सदस्यीय दल में जगह मिली है। इनमें कई खिलाड़ी बल्लेबाजी के अलावा गेंद से भी योगदान दे सकते हैं। इससे कप्तान सिकंदर रजा के पास परिस्थितियों के हिसाब से प्लेइंग इलेवन तैयार करने के विकल्प बढ़ेंगे।
वेस्ली मधेवेरे की वापसी जिम्बाब्वे के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वह बल्लेबाजी के साथ जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी का विकल्प भी उपलब्ध कराते हैं। T20 क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों की भूमिका काफी अहम होती है, जो एक से अधिक विभागों में टीम के काम आ सकें। भारत के खिलाफ सीरीज में मधेवेरे को मौका मिलता है तो उनके प्रदर्शन पर नजर रहेगी। खासतौर पर मध्यक्रम में उनसे तेजी से रन बनाने की उम्मीद की जा सकती है।
विकेटकीपिंग विभाग में इस बार ताफदजवा त्सिगा को मौका देकर चयनकर्ताओं ने नया विकल्प चुना है। पहली बार T20I स्क्वॉड में शामिल किए गए त्सिगा के लिए भारत जैसी टीम के खिलाफ सीरीज बड़ा अवसर हो सकती है। अगर उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है तो बल्लेबाजी के साथ विकेट के पीछे भी उनकी परीक्षा होगी। युवा खिलाड़ी के लिए घरेलू दर्शकों के सामने इंटरनेशनल स्तर पर अपनी पहचान बनाने का यह अहम मौका रहेगा।
तेज गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजारबानी और रिचर्ड नगरवा पर मेजबान टीम की बड़ी जिम्मेदारी रहेगी। दोनों गेंदबाज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अच्छा अनुभव रखते हैं और नई गेंद से विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता रखते हैं। भारतीय बल्लेबाजी क्रम के सामने शुरुआती ओवरों में विकेट निकालना जिम्बाब्वे की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। डेथ ओवर्स में भी इन अनुभवी गेंदबाजों की भूमिका अहम रहने वाली है।
न्यूमैन न्यामहुरी की वापसी से तेज गेंदबाजी विभाग में एक और विकल्प जुड़ गया है। उनके साथ तनाका चिवांगा भी स्क्वॉड का हिस्सा हैं। स्पिन विभाग में वेलिंग्टन मसाकाद्जा को जगह दी गई है। हरारे की पिच और मैच के दिन की परिस्थितियों को देखकर टीम मैनेजमेंट गेंदबाजी संयोजन तय कर सकता है। लगातार एक ही मैदान पर तीन मुकाबले होने के कारण दोनों टीमें परिस्थितियों को जल्दी समझने की कोशिश करेंगी।
भारत के खिलाफ यह सीरीज जिम्बाब्वे के कई युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का मौका भी होगी। बड़ी टीमों के खिलाफ घरेलू मैदान पर अच्छा प्रदर्शन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा सकता है। चयनकर्ताओं ने स्क्वॉड में ऐसे खिलाड़ियों को रखा है जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में विकल्प दे सकते हैं। हालांकि अंतिम प्लेइंग इलेवन में किन खिलाड़ियों को जगह मिलेगी, यह मैच की परिस्थितियों और टीम की रणनीति पर निर्भर करेगा।
तीन मैचों का कार्यक्रम भी काफी व्यस्त रहने वाला है। पहला T20 23 जुलाई को खेलने के बाद दोनों टीमों को एक दिन का अंतर मिलेगा और दूसरा मैच 25 जुलाई को होगा। इसके ठीक अगले दिन 26 जुलाई को तीसरा और आखिरी मुकाबला खेला जाएगा। आखिरी दोनों मैच लगातार दिनों में होने के कारण खिलाड़ियों की फिटनेस और गेंदबाजों के वर्कलोड को संभालना टीम मैनेजमेंट के लिए अहम रहेगा।
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में पूरी सीरीज आयोजित होने से जिम्बाब्वे को बार-बार यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। मेजबान टीम को मैदान, पिच और स्थानीय मौसम की जानकारी का भी फायदा मिलेगा। दूसरी ओर भारतीय टीम परिस्थितियों के मुताबिक खुद को जल्दी ढालने की कोशिश करेगी। सीरीज के शुरुआती मुकाबले का नतीजा आगे की रणनीति पर असर डाल सकता है, क्योंकि तीन मैचों की सीरीज में वापसी के लिए ज्यादा मुकाबले उपलब्ध नहीं रहते।
जिम्बाब्वे की घोषित 15 सदस्यीय टीम में सिकंदर रजा कप्तान होंगे। उनके साथ ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, बेन करन, ब्रैड इवांस, वेस्ली मधेवेरे, तदिवानाशे मारुमानी, डियोन मायर्स और मिल्टन शुम्बा शामिल हैं। विकेटकीपर के तौर पर ताफदजवा त्सिगा को जगह मिली है। गेंदबाजी विभाग में वेलिंग्टन मसाकाद्जा, ब्लेसिंग मुजारबानी, रिचर्ड नगरवा, न्यूमैन न्यामहुरी और तनाका चिवांगा को चुना गया है।
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