बारिश में वही पुराना स्वाद, लेकिन नए अंदाज में; Comfort Food का बदला ट्रेंड

लाइफ स्टाइल

On

पकौड़े-चाय से लेकर ग्रिल्ड चीज और टोमैटो सूप तक मानसून के पसंदीदा खाने में हो रहे नए प्रयोग, रोस्टेड गार्लिक, गॉरमेट चीज और अलग मसालों से बढ़ाया जा रहा स्वाद

बारिश शुरू होते ही खाने का मिजाज भी बदल जाता है। बाहर बूंदों की आवाज, ठंडी हवा और घर के भीतर गर्म पकौड़ों की खुशबू मानसून की पहचान रही है। चाय के साथ प्याज या आलू के पकौड़े हों, गर्म समोसा हो या फिर कटोरी भर खिचड़ी, बरसात में इनका स्वाद कुछ अलग ही लगता है। अब इन्हीं पुराने और पसंदीदा व्यंजनों को नए अंदाज में तैयार करने का चलन बढ़ रहा है। बदलाव बहुत बड़ा नहीं है। कहीं सामान्य पकौड़ों के साथ नई तरह की चटनी परोसी जा रही है, कहीं सैंडविच में कई तरह के चीज का इस्तेमाल हो रहा है तो कहीं चाय और गर्म चॉकलेट में इलायची, दालचीनी, गुलाब और हल्की मिर्च जैसे स्वाद जोड़े जा रहे हैं।

भारत में बारिश और गर्म नाश्ते का रिश्ता काफी पुराना है। उत्तर भारत में चाय-पकौड़े, महाराष्ट्र में भजिया और वड़ा पाव, गुजरात में गर्म भजिया और दक्षिण भारत में वड़ा तथा फिल्टर कॉफी जैसे कई स्वाद मौसम के साथ जुड़े हुए हैं। अब इन्हीं पारंपरिक चीजों को थोड़ा अलग तरीके से पेश किया जा रहा है। मसलन, सामान्य प्याज के पकौड़ों में चीज या मकई मिलाई जा सकती है। पनीर के पकौड़ों में हरी चटनी या मसालेदार भरावन देकर नया स्वाद तैयार किया जा सकता है। इनके साथ सिर्फ धनिया-पुदीना की चटनी के बजाय दही, लहसुन और पुदीने से बनी गाढ़ी चटनी परोसी जाए तो वही पुराना नाश्ता थोड़ा अलग लगने लगता है।

बारिश के दिनों में ग्रिल्ड चीज सैंडविच और गर्म टमाटर के सूप की जोड़ी भी पसंद की जा रही है। साधारण सैंडविच में एक ही तरह के चीज के बजाय दो या तीन अलग स्वाद वाले चीज मिलाए जा सकते हैं। ब्रेड पर लहसुन वाला मक्खन लगाकर उसे धीमी आंच पर सेंकने से बाहर की परत कुरकुरी होती है, जबकि अंदर चीज पिघला रहता है। इसमें हल्का भुना प्याज, मशरूम या शिमला मिर्च भी डाली जा सकती है। इस तरह सामान्य सैंडविच बारिश की शाम के लिए एक भरपूर गर्म भोजन में बदल सकता है।

इसके साथ परोसे जाने वाले टमाटर के सूप में भी थोड़ा बदलाव स्वाद को काफी बदल देता है। टमाटर को सीधे उबालने के बजाय लहसुन और प्याज के साथ पहले भून लिया जाए तो स्वाद ज्यादा गहरा हो जाता है। इसके बाद काली मिर्च, तुलसी की पत्तियां और थोड़ी लाल मिर्च मिलाई जा सकती है। भारतीय स्वाद पसंद करने वाले लोग इसमें भुना जीरा भी डाल सकते हैं। ऊपर थोड़ी मलाई डालने से सूप गाढ़ा हो जाता है। कुरकुरे चीज सैंडविच को गर्म सूप में डुबोकर खाने का तरीका बारिश की शाम को और मजेदार बना सकता है।

पकौड़ों में भी कई छोटे प्रयोग किए जा सकते हैं। मकई और चीज के पकौड़े, पालक और तिल के पकौड़े या पनीर में मसालेदार भरावन डालकर तैयार किए गए पकौड़े सामान्य स्वाद से थोड़ा अलग विकल्प हैं। चटनी में भी बदलाव किया जा सकता है। हरी धनिया-पुदीना चटनी में गाढ़ा दही मिलाकर मलाईदार स्वाद तैयार किया जा सकता है। इमली की मीठी चटनी में हल्की भुनी लाल मिर्च डालने से खट्टे-मीठे स्वाद के साथ तीखापन आता है। इस तरह पकौड़ों की मूल पहचान बनी रहती है, लेकिन स्वाद में कुछ नया जुड़ जाता है।

समोसा भी बारिश के मौसम का पसंदीदा नाश्ता है। आलू-मटर की पारंपरिक भरावन अपनी जगह है, लेकिन इसके साथ पनीर, मकई और चीज, मशरूम या मसालेदार सब्जियों की भरावन आजमाई जा सकती है। छोटे आकार के समोसे बनाकर अलग-अलग चटनियों के साथ परोसे जाएं तो घर पर मेहमानों के लिए भी अच्छा विकल्प बन सकता है। इसी तरह ब्रेड पकौड़े में केवल आलू के बजाय पनीर या मकई की भरावन डाली जा सकती है। स्वाद वही जाना-पहचाना रहता है, बस बीच में नया प्रयोग जुड़ जाता है।

वड़ा पाव को भी थोड़ा नया रूप दिया जा सकता है। आलू के वड़े और सूखी लहसुन चटनी के साथ हल्का चीज, भुना प्याज या मसालेदार दही की चटनी जोड़ी जा सकती है। पाव को सामान्य तरीके से देने के बजाय लहसुन वाले मक्खन में हल्का सेंकने से उसका स्वाद और बनावट दोनों बदल जाते हैं। बारिश में गर्म वड़ा और कुरकुरा पाव काफी पसंद किया जाता है, हालांकि तले हुए खाने की मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है।

बरसात में गर्म पेय का अपना अलग महत्व है। अदरक और इलायची वाली चाय सबसे सामान्य पसंद है, लेकिन इसमें भी कई प्रयोग किए जा सकते हैं। दालचीनी, लौंग और काली मिर्च के साथ मसाला चाय बनाई जा सकती है। इसमें थोड़ा केसर डालने से अलग खुशबू आती है। गुलाब की सूखी पंखुड़ियों और इलायची का हल्का मिश्रण भी दूध वाली चाय को नया स्वाद देता है। कुछ लोग लैवेंडर की बहुत थोड़ी मात्रा का इस्तेमाल भी करते हैं, लेकिन इसका स्वाद तेज होता है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही डालना बेहतर रहता है।

जो लोग दूध वाली चाय से अलग कुछ चाहते हैं, उनके लिए अदरक, तुलसी, नींबू और शहद का गर्म पेय अच्छा विकल्प हो सकता है। कश्मीरी कहवा से प्रेरित पेय में केसर, बादाम, दालचीनी और इलायची मिलाई जा सकती है। चाय में बदलाव का सबसे आसान तरीका यही है कि मूल स्वाद को पूरी तरह बदलने के बजाय केवल एक नया मसाला या खुशबू जोड़ी जाए। इससे परिचित स्वाद भी बना रहता है और कुछ नया महसूस होता है।

गर्म चॉकलेट में भी मसालों का प्रयोग किया जा सकता है। सामान्य दूध और चॉकलेट के साथ दालचीनी तथा इलायची डालने पर इसमें गर्म मसालेदार खुशबू आती है। थोड़ा अलग स्वाद चाहिए तो बहुत कम मात्रा में लाल मिर्च मिलाई जा सकती है। शुरुआत में चॉकलेट की मिठास और बाद में हल्का तीखापन महसूस होता है। संतरे के छिलके की हल्की कतरन, वनिला या ऊपर से भुने हुए बादाम डालकर भी इसका स्वाद बदला जा सकता है।

बारिश में सिर्फ नाश्ता ही नहीं, गर्म और सादा भोजन भी खूब पसंद आता है। इनमें खिचड़ी सबसे आसान विकल्पों में है। मूंग दाल और चावल की सामान्य खिचड़ी में भुना लहसुन, पालक या हल्के मसाले मिलाए जा सकते हैं। ऊपर घी, कुरकुरा तला प्याज या लहसुन की पतली भुनी कतरन डालने से स्वाद बदल जाता है। साथ में दही, पापड़ और अचार हो तो यह पूरा भोजन बन जाता है। चाहें तो अलग-अलग मोटे अनाज का इस्तेमाल कर खिचड़ी को नया रूप दिया जा सकता है।

बरसात और गर्म नूडल्स की जोड़ी भी काफी लोकप्रिय है। सामान्य नूडल्स में मशरूम, मकई, हरा प्याज और भुना लहसुन मिलाकर उसे ज्यादा भरपूर बनाया जा सकता है। चीज डालने पर स्वाद मलाईदार हो जाता है, जबकि तिल और तीखी मिर्च का तेल इसे अलग अंदाज दे सकता है। सब्जियों की मात्रा बढ़ाकर इसे केवल हल्के नाश्ते के बजाय एक छोटे भोजन की तरह तैयार किया जा सकता है।

सूप के साथ भी कई तरह के प्रयोग संभव हैं। कद्दू के सूप में जायफल और भुने बीज, मशरूम के सूप में लहसुन और काली मिर्च या सब्जियों के सूप में अदरक और नींबू मिलाया जा सकता है। नारियल के दूध के साथ अदरक और नींबू की खुशबू वाला सूप भी बारिश में अलग स्वाद देता है। साथ में मक्खन में सेंकी हुई ब्रेड या चीज टोस्ट हो तो पेट भरने वाला हल्का भोजन तैयार हो जाता है।

मीठे में गर्म जलेबी बारिश के मौसम की पुरानी पसंद है। इसे केसर और इलायची वाली रबड़ी के साथ परोसा जा सकता है। गुलाब जामुन को इलायची वाली ठंडी कुल्फी या आइसक्रीम के साथ देने पर गर्म और ठंडे स्वाद का अलग मेल मिलता है। इसी तरह ब्रेड से बनी गर्म मिठाई में दालचीनी, सूखे मेवे और चॉकलेट मिलाकर नया रूप दिया जा सकता है। यहां भी ज्यादा बदलाव की जरूरत नहीं होती, केवल एक-दो नई चीजें पुरानी मिठाई को अलग बना देती हैं।

इस तरह बारिश के पसंदीदा खाने को नया रूप देने के लिए महंगी सामग्री की जरूरत नहीं है। घर में मौजूद लहसुन, अदरक, इलायची, दालचीनी, मक्खन, पनीर, चीज, दही और अलग-अलग चटनियों से कई प्रयोग किए जा सकते हैं। पकौड़ों के साथ नई चटनी, टमाटर के सूप में भुना लहसुन, सैंडविच में अलग चीज या चाय में गुलाब और इलायची—छोटे बदलाव से स्वाद काफी बदल सकता है।

मानसून के दौरान खाने की साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है। अधिक नमी के कारण खाने की चीजें जल्दी खराब हो सकती हैं। कटे फल-सब्जियों, पुरानी चटनी या लंबे समय तक खुले में रखे भोजन से बचना बेहतर रहता है। पकौड़े, समोसे और दूसरी तली चीजें ताजा और गर्म खाना चाहिए। लगातार तला हुआ खाने के बजाय बीच-बीच में गर्म सूप, भुना नाश्ता और हल्का भोजन रखा जा सकता है। बारिश के मौसम का मजा पुराने स्वाद के साथ नए प्रयोग में है—कभी पकौड़ों की चटनी बदलकर, कभी चाय में नया मसाला डालकर तो कभी साधारण खिचड़ी को थोड़ा कुरकुरा और मसालेदार बनाकर।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
22 Jul 2026 By Priyanka

बारिश में वही पुराना स्वाद, लेकिन नए अंदाज में; Comfort Food का बदला ट्रेंड

लाइफ स्टाइल

बारिश शुरू होते ही खाने का मिजाज भी बदल जाता है। बाहर बूंदों की आवाज, ठंडी हवा और घर के भीतर गर्म पकौड़ों की खुशबू मानसून की पहचान रही है। चाय के साथ प्याज या आलू के पकौड़े हों, गर्म समोसा हो या फिर कटोरी भर खिचड़ी, बरसात में इनका स्वाद कुछ अलग ही लगता है। अब इन्हीं पुराने और पसंदीदा व्यंजनों को नए अंदाज में तैयार करने का चलन बढ़ रहा है। बदलाव बहुत बड़ा नहीं है। कहीं सामान्य पकौड़ों के साथ नई तरह की चटनी परोसी जा रही है, कहीं सैंडविच में कई तरह के चीज का इस्तेमाल हो रहा है तो कहीं चाय और गर्म चॉकलेट में इलायची, दालचीनी, गुलाब और हल्की मिर्च जैसे स्वाद जोड़े जा रहे हैं।

भारत में बारिश और गर्म नाश्ते का रिश्ता काफी पुराना है। उत्तर भारत में चाय-पकौड़े, महाराष्ट्र में भजिया और वड़ा पाव, गुजरात में गर्म भजिया और दक्षिण भारत में वड़ा तथा फिल्टर कॉफी जैसे कई स्वाद मौसम के साथ जुड़े हुए हैं। अब इन्हीं पारंपरिक चीजों को थोड़ा अलग तरीके से पेश किया जा रहा है। मसलन, सामान्य प्याज के पकौड़ों में चीज या मकई मिलाई जा सकती है। पनीर के पकौड़ों में हरी चटनी या मसालेदार भरावन देकर नया स्वाद तैयार किया जा सकता है। इनके साथ सिर्फ धनिया-पुदीना की चटनी के बजाय दही, लहसुन और पुदीने से बनी गाढ़ी चटनी परोसी जाए तो वही पुराना नाश्ता थोड़ा अलग लगने लगता है।

बारिश के दिनों में ग्रिल्ड चीज सैंडविच और गर्म टमाटर के सूप की जोड़ी भी पसंद की जा रही है। साधारण सैंडविच में एक ही तरह के चीज के बजाय दो या तीन अलग स्वाद वाले चीज मिलाए जा सकते हैं। ब्रेड पर लहसुन वाला मक्खन लगाकर उसे धीमी आंच पर सेंकने से बाहर की परत कुरकुरी होती है, जबकि अंदर चीज पिघला रहता है। इसमें हल्का भुना प्याज, मशरूम या शिमला मिर्च भी डाली जा सकती है। इस तरह सामान्य सैंडविच बारिश की शाम के लिए एक भरपूर गर्म भोजन में बदल सकता है।

इसके साथ परोसे जाने वाले टमाटर के सूप में भी थोड़ा बदलाव स्वाद को काफी बदल देता है। टमाटर को सीधे उबालने के बजाय लहसुन और प्याज के साथ पहले भून लिया जाए तो स्वाद ज्यादा गहरा हो जाता है। इसके बाद काली मिर्च, तुलसी की पत्तियां और थोड़ी लाल मिर्च मिलाई जा सकती है। भारतीय स्वाद पसंद करने वाले लोग इसमें भुना जीरा भी डाल सकते हैं। ऊपर थोड़ी मलाई डालने से सूप गाढ़ा हो जाता है। कुरकुरे चीज सैंडविच को गर्म सूप में डुबोकर खाने का तरीका बारिश की शाम को और मजेदार बना सकता है।

पकौड़ों में भी कई छोटे प्रयोग किए जा सकते हैं। मकई और चीज के पकौड़े, पालक और तिल के पकौड़े या पनीर में मसालेदार भरावन डालकर तैयार किए गए पकौड़े सामान्य स्वाद से थोड़ा अलग विकल्प हैं। चटनी में भी बदलाव किया जा सकता है। हरी धनिया-पुदीना चटनी में गाढ़ा दही मिलाकर मलाईदार स्वाद तैयार किया जा सकता है। इमली की मीठी चटनी में हल्की भुनी लाल मिर्च डालने से खट्टे-मीठे स्वाद के साथ तीखापन आता है। इस तरह पकौड़ों की मूल पहचान बनी रहती है, लेकिन स्वाद में कुछ नया जुड़ जाता है।

समोसा भी बारिश के मौसम का पसंदीदा नाश्ता है। आलू-मटर की पारंपरिक भरावन अपनी जगह है, लेकिन इसके साथ पनीर, मकई और चीज, मशरूम या मसालेदार सब्जियों की भरावन आजमाई जा सकती है। छोटे आकार के समोसे बनाकर अलग-अलग चटनियों के साथ परोसे जाएं तो घर पर मेहमानों के लिए भी अच्छा विकल्प बन सकता है। इसी तरह ब्रेड पकौड़े में केवल आलू के बजाय पनीर या मकई की भरावन डाली जा सकती है। स्वाद वही जाना-पहचाना रहता है, बस बीच में नया प्रयोग जुड़ जाता है।

वड़ा पाव को भी थोड़ा नया रूप दिया जा सकता है। आलू के वड़े और सूखी लहसुन चटनी के साथ हल्का चीज, भुना प्याज या मसालेदार दही की चटनी जोड़ी जा सकती है। पाव को सामान्य तरीके से देने के बजाय लहसुन वाले मक्खन में हल्का सेंकने से उसका स्वाद और बनावट दोनों बदल जाते हैं। बारिश में गर्म वड़ा और कुरकुरा पाव काफी पसंद किया जाता है, हालांकि तले हुए खाने की मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है।

बरसात में गर्म पेय का अपना अलग महत्व है। अदरक और इलायची वाली चाय सबसे सामान्य पसंद है, लेकिन इसमें भी कई प्रयोग किए जा सकते हैं। दालचीनी, लौंग और काली मिर्च के साथ मसाला चाय बनाई जा सकती है। इसमें थोड़ा केसर डालने से अलग खुशबू आती है। गुलाब की सूखी पंखुड़ियों और इलायची का हल्का मिश्रण भी दूध वाली चाय को नया स्वाद देता है। कुछ लोग लैवेंडर की बहुत थोड़ी मात्रा का इस्तेमाल भी करते हैं, लेकिन इसका स्वाद तेज होता है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही डालना बेहतर रहता है।

जो लोग दूध वाली चाय से अलग कुछ चाहते हैं, उनके लिए अदरक, तुलसी, नींबू और शहद का गर्म पेय अच्छा विकल्प हो सकता है। कश्मीरी कहवा से प्रेरित पेय में केसर, बादाम, दालचीनी और इलायची मिलाई जा सकती है। चाय में बदलाव का सबसे आसान तरीका यही है कि मूल स्वाद को पूरी तरह बदलने के बजाय केवल एक नया मसाला या खुशबू जोड़ी जाए। इससे परिचित स्वाद भी बना रहता है और कुछ नया महसूस होता है।

गर्म चॉकलेट में भी मसालों का प्रयोग किया जा सकता है। सामान्य दूध और चॉकलेट के साथ दालचीनी तथा इलायची डालने पर इसमें गर्म मसालेदार खुशबू आती है। थोड़ा अलग स्वाद चाहिए तो बहुत कम मात्रा में लाल मिर्च मिलाई जा सकती है। शुरुआत में चॉकलेट की मिठास और बाद में हल्का तीखापन महसूस होता है। संतरे के छिलके की हल्की कतरन, वनिला या ऊपर से भुने हुए बादाम डालकर भी इसका स्वाद बदला जा सकता है।

बारिश में सिर्फ नाश्ता ही नहीं, गर्म और सादा भोजन भी खूब पसंद आता है। इनमें खिचड़ी सबसे आसान विकल्पों में है। मूंग दाल और चावल की सामान्य खिचड़ी में भुना लहसुन, पालक या हल्के मसाले मिलाए जा सकते हैं। ऊपर घी, कुरकुरा तला प्याज या लहसुन की पतली भुनी कतरन डालने से स्वाद बदल जाता है। साथ में दही, पापड़ और अचार हो तो यह पूरा भोजन बन जाता है। चाहें तो अलग-अलग मोटे अनाज का इस्तेमाल कर खिचड़ी को नया रूप दिया जा सकता है।

बरसात और गर्म नूडल्स की जोड़ी भी काफी लोकप्रिय है। सामान्य नूडल्स में मशरूम, मकई, हरा प्याज और भुना लहसुन मिलाकर उसे ज्यादा भरपूर बनाया जा सकता है। चीज डालने पर स्वाद मलाईदार हो जाता है, जबकि तिल और तीखी मिर्च का तेल इसे अलग अंदाज दे सकता है। सब्जियों की मात्रा बढ़ाकर इसे केवल हल्के नाश्ते के बजाय एक छोटे भोजन की तरह तैयार किया जा सकता है।

सूप के साथ भी कई तरह के प्रयोग संभव हैं। कद्दू के सूप में जायफल और भुने बीज, मशरूम के सूप में लहसुन और काली मिर्च या सब्जियों के सूप में अदरक और नींबू मिलाया जा सकता है। नारियल के दूध के साथ अदरक और नींबू की खुशबू वाला सूप भी बारिश में अलग स्वाद देता है। साथ में मक्खन में सेंकी हुई ब्रेड या चीज टोस्ट हो तो पेट भरने वाला हल्का भोजन तैयार हो जाता है।

मीठे में गर्म जलेबी बारिश के मौसम की पुरानी पसंद है। इसे केसर और इलायची वाली रबड़ी के साथ परोसा जा सकता है। गुलाब जामुन को इलायची वाली ठंडी कुल्फी या आइसक्रीम के साथ देने पर गर्म और ठंडे स्वाद का अलग मेल मिलता है। इसी तरह ब्रेड से बनी गर्म मिठाई में दालचीनी, सूखे मेवे और चॉकलेट मिलाकर नया रूप दिया जा सकता है। यहां भी ज्यादा बदलाव की जरूरत नहीं होती, केवल एक-दो नई चीजें पुरानी मिठाई को अलग बना देती हैं।

इस तरह बारिश के पसंदीदा खाने को नया रूप देने के लिए महंगी सामग्री की जरूरत नहीं है। घर में मौजूद लहसुन, अदरक, इलायची, दालचीनी, मक्खन, पनीर, चीज, दही और अलग-अलग चटनियों से कई प्रयोग किए जा सकते हैं। पकौड़ों के साथ नई चटनी, टमाटर के सूप में भुना लहसुन, सैंडविच में अलग चीज या चाय में गुलाब और इलायची—छोटे बदलाव से स्वाद काफी बदल सकता है।

मानसून के दौरान खाने की साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है। अधिक नमी के कारण खाने की चीजें जल्दी खराब हो सकती हैं। कटे फल-सब्जियों, पुरानी चटनी या लंबे समय तक खुले में रखे भोजन से बचना बेहतर रहता है। पकौड़े, समोसे और दूसरी तली चीजें ताजा और गर्म खाना चाहिए। लगातार तला हुआ खाने के बजाय बीच-बीच में गर्म सूप, भुना नाश्ता और हल्का भोजन रखा जा सकता है। बारिश के मौसम का मजा पुराने स्वाद के साथ नए प्रयोग में है—कभी पकौड़ों की चटनी बदलकर, कभी चाय में नया मसाला डालकर तो कभी साधारण खिचड़ी को थोड़ा कुरकुरा और मसालेदार बनाकर।

https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/same-old-taste-in-the-rain-but-the-trend-of/article-59502

खबरें और भी हैं

विधानसभा पहुंचे मेधावी छात्रों से मिले CM मोहन यादव, लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण पर किया संवाद
कौन होगा दतिया विधानसभा उपचुनाव में जनता की पहली पसंद?
Select one option below:

टाप न्यूज

विधानसभा पहुंचे मेधावी छात्रों से मिले CM मोहन यादव, लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण पर किया संवाद

आगर-मालवा और जबलपुर से भोपाल आए 90 से ज्यादा विद्यार्थियों ने देखी मानसून सत्र की कार्यवाही, मुख्यमंत्री ने कहा- लोकतांत्रिक...
मध्य प्रदेश 
विधानसभा पहुंचे मेधावी छात्रों से मिले CM मोहन यादव, लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण पर किया संवाद

15,000+ Joint Replacement Procedures के अनुभव के साथ डॉ. मनु शर्मा ने वडोदरा में रचा नया कीर्तिमान

सूरत (गुजरात) [भारत],22 जुलाई: 15,000+ सफल Knee Replacement Procedures का अनुभव और Patient-Centric Treatment के...
लाइफ स्टाइल 
15,000+ Joint Replacement Procedures के अनुभव के साथ डॉ. मनु शर्मा ने वडोदरा में रचा नया कीर्तिमान

केरल तट पर रेस्क्यू के लिए चीन ने भारत को कहा शुक्रिया, बोला- मदद हमेशा याद रहेगी

PLA की 99वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में चीनी सैन्य राजनयिक ने भारतीय बचाव अभियान की सराहना की; 2025 में MV...
देश विदेश 
केरल तट पर रेस्क्यू के लिए चीन ने भारत को कहा शुक्रिया, बोला- मदद हमेशा याद रहेगी

फ्रांस में प्रतिबंधित कीटनाशकों की वापसी पर सियासी घमासान, पर्यावरण मंत्री ने दिया इस्तीफा

मधुमक्खियों और जैव विविधता पर खतरे का हवाला देकर मोनिक बारबू ने पद छोड़ने की पेशकश की, राष्ट्रपति मैक्रों ने...
देश विदेश 
फ्रांस में प्रतिबंधित कीटनाशकों की वापसी पर सियासी घमासान, पर्यावरण मंत्री ने दिया इस्तीफा

बिजनेस

अडाणी एनर्जी का मुनाफा 124% बढ़ा, पहली तिमाही में ₹1,149 करोड़ पहुंचा अडाणी एनर्जी का मुनाफा 124% बढ़ा, पहली तिमाही में ₹1,149 करोड़ पहुंचा
अप्रैल-जून में कंपनी का रेवेन्यू 42.4% बढ़कर ₹9,711 करोड़; ट्रांसमिशन, स्मार्ट मीटरिंग और एनर्जी सॉल्यूशंस कारोबार में मजबूत बढ़त
मारुति की कारें अगस्त से होंगी महंगी, ₹30,000 तक बढ़ेंगे दाम: इंडिगो ने बनाया नया रिकॉर्ड, सिट्रोएन ने लॉन्च किया बेसाल्ट X कम्फर्ट एडिशन
शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी पर वैश्विक तनाव का असर; कच्चे तेल और बिटकॉइन पर भी नजर
सरकार का बड़ा बयान: E20 पेट्रोल से इंजन पर असर नहीं, LTCG टैक्स में राहत का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं
सर्राफा बाजार में फिर चमका सोना-चांदी, गोल्ड ₹1.42 लाख के करीब; चांदी ₹2.19 लाख प्रति किलो
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.