आज की तेज रफ्तार जिंदगी में रिश्ते निभाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है उनका स्वस्थ होना। लेकिन कई बार लोग ऐसे रिश्तों में फंसे रहते हैं, जो बाहर से सामान्य दिखते हैं, जबकि अंदर ही अंदर वे मानसिक और भावनात्मक रूप से नुकसान पहुंचा रहे होते हैं। ऐसे ही रिश्तों को टॉक्सिक रिलेशनशिप कहा जाता है। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, समय रहते इसकी पहचान न की जाए तो इसका असर आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और मानसिक सेहत पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।
टॉक्सिक रिलेशनशिप की सबसे बड़ी पहचान है लगातार तनाव और असहजता। अगर किसी रिश्ते में रहते हुए व्यक्ति खुद को बार-बार थका हुआ, दुखी या बेचैन महसूस करता है, तो यह सामान्य नहीं है। विशेषज्ञ बताते हैं कि स्वस्थ रिश्ते में आप सुरक्षित और समर्थित महसूस करते हैं, जबकि टॉक्सिक रिश्ते में डर और दबाव हावी रहता है।
कंट्रोलिंग व्यवहार भी टॉक्सिक रिलेशनशिप का बड़ा संकेत माना जाता है। अगर पार्टनर आपके दोस्तों, परिवार, कपड़ों, करियर या फैसलों पर हद से ज्यादा नियंत्रण रखने लगे, तो यह चिंता का विषय है। प्यार के नाम पर की जाने वाली यह निगरानी धीरे-धीरे व्यक्ति की आज़ादी छीन लेती है।
इमोशनल ब्लैकमेल एक और गंभीर संकेत है। बार-बार यह कहना कि “अगर तुम ऐसा नहीं करोगे तो मैं टूट जाऊंगा” या “तुम्हारी वजह से मैं दुखी हूं” जैसी बातें सामने वाले को अपराधबोध में डाल देती हैं। इससे व्यक्ति अपनी जरूरतों को नजरअंदाज कर सिर्फ सामने वाले को खुश रखने की कोशिश करता है।
टॉक्सिक रिश्तों में सम्मान की कमी भी साफ दिखाई देती है। मजाक के नाम पर अपमान, बार-बार नीचा दिखाना या आपकी भावनाओं को महत्व न देना, धीरे-धीरे आत्मसम्मान को कमजोर करता है। कई मामलों में व्यक्ति यह मानने लगता है कि वह इसी व्यवहार का हकदार है।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अगर किसी रिश्ते में संवाद की जगह चुप्पी, डर या गुस्सा ले ले, तो वह रिश्ता अस्वस्थ हो चुका होता है। अपनी बात रखने से डर लगना या प्रतिक्रिया को लेकर आशंकित रहना, टॉक्सिक माहौल की ओर इशारा करता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे रिश्तों में रहते हुए खुद को दोष देने के बजाय स्थिति को समझना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर काउंसलर या भरोसेमंद व्यक्ति से बात करना मददगार हो सकता है। रिश्ते जीवन को आसान बनाने के लिए होते हैं, बोझ बनाने के लिए नहीं।
टॉक्सिक रिलेशनशिप से बाहर निकलना आसान नहीं होता, लेकिन सही समय पर लिया गया फैसला व्यक्ति की मानसिक शांति और भविष्य के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।विशेषज्ञ लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि रिश्तों में प्यार के साथ-साथ सम्मान और स्वतंत्रता भी उतनी ही अहम है।
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