गरियाबंद में माओवादियों को बड़ा झटका: जंगल से राइफल-पिस्टल, 48 कारतूस और 43 डेटोनेटर बरामद

गरियाबंद(म.प्र.)

On

खुफिया इनपुट पर सुरक्षाबलों की संयुक्त कार्रवाई, पुलिस से लूटी गई राइफल भी मिली

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित गरियाबंद जिले में सुरक्षाबलों ने माओवादी संगठन को बड़ा झटका दिया है। खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए संयुक्त अभियान में जवानों ने जंगल और पहाड़ी इलाकों से हथियार, विस्फोटक और संचार उपकरण बरामद किए हैं। बरामद सामग्री में पुलिस से लूटी गई राइफल, एक पिस्टल, 48 कारतूस और 43 डेटोनेटर शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन हथियारों का इस्तेमाल सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने और ग्रामीण इलाकों में दहशत फैलाने के लिए किया जाना था।

यह कार्रवाई मैनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुकरार और पीपरछेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम कमारभौदी के जंगल-पहाड़ी इलाकों में की गई। पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि माओवादी संगठन ने इन इलाकों में हथियार और विस्फोटक छुपाकर रखे हैं। इसके बाद जिला पुलिस बल के E-30 दस्ते, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) और CRPF की संयुक्त टीम को सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, चिन्हित डंप एरिया तक पहुंचने के बाद बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) की मदद से इलाके की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान एक राइफल, पिस्टल, 12 बोर के 31 राउंड, 8 एमएम के 48 कारतूस, बड़ी मात्रा में डेटोनेटर के अलावा दो वॉकी-टॉकी, दो सोलर प्लेट, एक मल्टीमीटर, एक इन्वर्टर और रोजमर्रा के उपयोग की कई अन्य सामग्री बरामद की गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद राइफल पहले किसी घटना में पुलिस से लूटी गई थी। इससे यह साफ होता है कि माओवादी आने वाले समय में किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे। हालांकि, समय रहते कार्रवाई कर उनकी योजना को नाकाम कर दिया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह सफलता लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों और मजबूत खुफिया तंत्र का नतीजा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि माओवादियों की हिंसक गतिविधियों और विनाशकारी मंसूबों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। जिले में आगे भी सर्च ऑपरेशन जारी रहेंगे और संदिग्ध इलाकों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

गौरतलब है कि बस्तर संभाग और उससे सटे इलाकों में भी सुरक्षाबल लगातार माओवादी संगठन के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। हालिया बरामदगी को माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में अहम उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से नक्सलियों की लॉजिस्टिक सप्लाई और ऑपरेशनल क्षमता पर सीधा असर पड़ेगा।

-----------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

 
 

खबरें और भी हैं

गरियाबंद में माओवादियों को बड़ा झटका: जंगल से राइफल-पिस्टल, 48 कारतूस और 43 डेटोनेटर बरामद

टाप न्यूज

गरियाबंद में माओवादियों को बड़ा झटका: जंगल से राइफल-पिस्टल, 48 कारतूस और 43 डेटोनेटर बरामद

खुफिया इनपुट पर सुरक्षाबलों की संयुक्त कार्रवाई, पुलिस से लूटी गई राइफल भी मिली
छत्तीसगढ़  टॉप न्यूज़ 
गरियाबंद में माओवादियों को बड़ा झटका: जंगल से राइफल-पिस्टल, 48 कारतूस और 43 डेटोनेटर बरामद

वेब सीरीज ‘तस्करी’ की शूटिंग के दौरान एक्टर राघव तिवारी के साथ रोड रेज, सिर में लगे टांके; अभिनेता ने साझा किया अनुभव

मुंबई में शूटिंग के बीच हुई घटना, राघव बोले— इंडस्ट्री के साथी बने परिवार, पूरी टीम ने दिया मजबूत सहारा...
बालीवुड 
वेब सीरीज ‘तस्करी’ की शूटिंग के दौरान एक्टर राघव तिवारी के साथ रोड रेज, सिर में लगे टांके; अभिनेता ने साझा किया अनुभव

टॉक्सिक रिलेशनशिप की पहचान क्या है: रिश्ते में छिपे ये संकेत नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स ने बताए चेतावनी संकेत, समय रहते पहचान न हुई तो आत्मविश्वास और मानसिक सेहत पर पड़ता है...
लाइफ स्टाइल 
टॉक्सिक रिलेशनशिप की पहचान क्या है: रिश्ते में छिपे ये संकेत नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

साइलेंट क्विटिंग क्या है और क्यों बढ़ रही है: वर्क कल्चर में चुपचाप बदलता कर्मचारियों का रवैया

ओवरवर्क, बर्नआउट और वर्क-लाइफ बैलेंस की कमी से जुड़ा ट्रेंड, खासकर युवाओं में तेजी से बढ़ा
लाइफ स्टाइल 
साइलेंट क्विटिंग क्या है और क्यों बढ़ रही है: वर्क कल्चर में चुपचाप बदलता कर्मचारियों का रवैया

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.