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सर्दियों में रोज ड्राई फ्रूट्स खाना कितना सुरक्षित? वजन और शुगर पर असर को लेकर डॉक्टरों की साफ राय
Lifestyle
मेवे सेहत के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन रोजाना ज्यादा मात्रा में सेवन मोटापा और शुगर की वजह बन सकता है, जानिए किसे खाने चाहिए और किसे नहीं
सर्दियों का मौसम आते ही खानपान में बदलाव आम बात है। इस दौरान ड्राई फ्रूट्स यानी मेवों का सेवन तेजी से बढ़ जाता है। बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश और खजूर को लोग रोजमर्रा की डाइट में शामिल करने लगते हैं। हालांकि, सवाल यह है कि क्या सर्दियों में रोज ड्राई फ्रूट्स खाना सभी के लिए सुरक्षित है, और क्या इससे वजन या ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा होता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, ड्राई फ्रूट्स पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और सीमित मात्रा में सेवन करने पर यह शरीर को ऊर्जा देने, इम्यूनिटी मजबूत करने और ठंड में गर्माहट बनाए रखने में मदद करते हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है, जबकि अखरोट और पिस्ता जैसे मेवे हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एंड एसोसिएट हॉस्पिटल्स में मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ डॉक्टरों के अनुसार, सर्दियों में रोज ड्राई फ्रूट्स खाने से कोई सीधा नुकसान नहीं होता, लेकिन मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि आम व्यक्ति के लिए रोजाना लगभग 30 ग्राम ड्राई फ्रूट्स पर्याप्त हैं। इससे ज्यादा सेवन लंबे समय में स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।
अक्सर यह धारणा होती है कि ड्राई फ्रूट्स प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं, लेकिन विशेषज्ञ इस पर भी सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। किसी भी ड्राई फ्रूट में प्रति 100 ग्राम औसतन 15–16 ग्राम से अधिक प्रोटीन नहीं होता। ऐसे में 30 ग्राम मेवा खाने से प्रोटीन की मात्रा बहुत सीमित ही मिलती है। एथलीट या अत्यधिक शारीरिक श्रम करने वाले लोग जरूरत के अनुसार मात्रा को 40–50 ग्राम तक बढ़ा सकते हैं, लेकिन सामान्य लोगों को इससे अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।
जहां तक वजन और शुगर बढ़ने का सवाल है, डॉक्टर बताते हैं कि सभी ड्राई फ्रूट्स इसका कारण नहीं बनते, लेकिन किशमिश और खजूर जैसे मीठे मेवों में कैलोरी अधिक होती है। जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर ये वजन बढ़ाने और ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकते हैं। खासकर डायबिटीज से पीड़ित लोगों और मोटापे से जूझ रहे व्यक्तियों को इनका सेवन बहुत सीमित मात्रा में करना चाहिए।
कुछ लोगों के लिए ड्राई फ्रूट्स पूरी तरह सुरक्षित नहीं माने जाते। पाचन संबंधी समस्याओं, एलर्जी, अस्थमा या किडनी रोग से ग्रस्त मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के ड्राई फ्रूट्स नहीं खाने चाहिए। विशेषज्ञ खासतौर पर काजू को लेकर सतर्क रहने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह कुछ लोगों में एलर्जी और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ा सकता है।
निष्कर्ष के तौर पर, ड्राई फ्रूट्स सर्दियों की डाइट का अहम हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन संतुलन ही सबसे बड़ा नियम है। सीमित मात्रा, सही चयन और अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर सेवन किया जाए, तभी इसके फायदे मिलते हैं, वरना यही सेहत के लिए परेशानी भी बन सकते हैं।
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सर्दियों में रोज ड्राई फ्रूट्स खाना कितना सुरक्षित? वजन और शुगर पर असर को लेकर डॉक्टरों की साफ राय
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सर्दियों का मौसम आते ही खानपान में बदलाव आम बात है। इस दौरान ड्राई फ्रूट्स यानी मेवों का सेवन तेजी से बढ़ जाता है। बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश और खजूर को लोग रोजमर्रा की डाइट में शामिल करने लगते हैं। हालांकि, सवाल यह है कि क्या सर्दियों में रोज ड्राई फ्रूट्स खाना सभी के लिए सुरक्षित है, और क्या इससे वजन या ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा होता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, ड्राई फ्रूट्स पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और सीमित मात्रा में सेवन करने पर यह शरीर को ऊर्जा देने, इम्यूनिटी मजबूत करने और ठंड में गर्माहट बनाए रखने में मदद करते हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है, जबकि अखरोट और पिस्ता जैसे मेवे हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एंड एसोसिएट हॉस्पिटल्स में मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ डॉक्टरों के अनुसार, सर्दियों में रोज ड्राई फ्रूट्स खाने से कोई सीधा नुकसान नहीं होता, लेकिन मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि आम व्यक्ति के लिए रोजाना लगभग 30 ग्राम ड्राई फ्रूट्स पर्याप्त हैं। इससे ज्यादा सेवन लंबे समय में स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।
अक्सर यह धारणा होती है कि ड्राई फ्रूट्स प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं, लेकिन विशेषज्ञ इस पर भी सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। किसी भी ड्राई फ्रूट में प्रति 100 ग्राम औसतन 15–16 ग्राम से अधिक प्रोटीन नहीं होता। ऐसे में 30 ग्राम मेवा खाने से प्रोटीन की मात्रा बहुत सीमित ही मिलती है। एथलीट या अत्यधिक शारीरिक श्रम करने वाले लोग जरूरत के अनुसार मात्रा को 40–50 ग्राम तक बढ़ा सकते हैं, लेकिन सामान्य लोगों को इससे अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।
जहां तक वजन और शुगर बढ़ने का सवाल है, डॉक्टर बताते हैं कि सभी ड्राई फ्रूट्स इसका कारण नहीं बनते, लेकिन किशमिश और खजूर जैसे मीठे मेवों में कैलोरी अधिक होती है। जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर ये वजन बढ़ाने और ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकते हैं। खासकर डायबिटीज से पीड़ित लोगों और मोटापे से जूझ रहे व्यक्तियों को इनका सेवन बहुत सीमित मात्रा में करना चाहिए।
कुछ लोगों के लिए ड्राई फ्रूट्स पूरी तरह सुरक्षित नहीं माने जाते। पाचन संबंधी समस्याओं, एलर्जी, अस्थमा या किडनी रोग से ग्रस्त मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के ड्राई फ्रूट्स नहीं खाने चाहिए। विशेषज्ञ खासतौर पर काजू को लेकर सतर्क रहने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह कुछ लोगों में एलर्जी और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ा सकता है।
निष्कर्ष के तौर पर, ड्राई फ्रूट्स सर्दियों की डाइट का अहम हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन संतुलन ही सबसे बड़ा नियम है। सीमित मात्रा, सही चयन और अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर सेवन किया जाए, तभी इसके फायदे मिलते हैं, वरना यही सेहत के लिए परेशानी भी बन सकते हैं।
