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भारत-वेनेजुएला संबंध: जयशंकर ने हालात पर जताई चिंता, सभी पक्षों से शांतिपूर्ण हल की अपील
अंतराष्ट्रीय न्यूज
अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला में तनाव, भारत ने सुरक्षित समाधान और नागरिक सुरक्षा पर जोर दिया
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी संबंधित पक्षों से आग्रह किया है कि वे वहां के लोगों के हित में शांतिपूर्ण समाधान खोजें। उन्होंने कहा कि भारत और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं और किसी भी विवाद का हल संवाद के माध्यम से ही निकाला जाना चाहिए।
2 जनवरी की रात अमेरिका ने वेनेजुएला में सैन्य अभियान चला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे वेनेजुएला में लोकतंत्र बहाल करने की दिशा में जरूरी कदम बताया। मादुरो और उनकी पत्नी को न्यूयॉर्क में डिटेंशन सेंटर में रखा गया है और उन पर ड्रग्स, हथियार तस्करी तथा गंभीर अपराधों के आरोप हैं।
यह घटनाक्रम वेनेजुएला की राजधानी कराकस में 2 जनवरी की रात घटा, जिसके बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ गया।
अमेरिका का दावा है कि मादुरो लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय ड्रग और हथियार तस्करी के नेटवर्क में शामिल थे। भारत की प्रतिक्रिया में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि किसी भी देश के आंतरिक मामलों में सैन्य हस्तक्षेप जटिल परिणाम ला सकता है और शांतिपूर्ण वार्ता ही स्थायी समाधान है।
जयशंकर ने लक्ज़मबर्ग में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय फोरम में यह बयान दिया। उन्होंने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बातचीत को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के लिए वेनेजुएला की जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने हाल ही में कहा कि कराकस में भारतीय दूतावास वहां रह रहे नागरिकों के संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता दी जा रही है। मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों से गैर-जरूरी यात्रा टालने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी है। जयशंकर ने यह भी संकेत दिए कि बाहरी देशों द्वारा भारत को दी जाने वाली सलाह कभी-कभी उनके स्वार्थ से प्रेरित होती है, और इसलिए भारत अपनी विदेश नीति में संतुलित और स्वतंत्र दृष्टिकोण अपनाता है।
इस घटनाक्रम से लैटिन अमेरिका में तनाव बढ़ा है। कई देशों ने अमेरिका की कार्रवाई पर चिंता जताई है, जिनमें रूस, चीन और ईरान शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत का रुख स्पष्ट रूप से शांतिपूर्ण समाधान और नागरिक सुरक्षा पर केंद्रित है, जो अंतरराष्ट्रीय मानदंडों और भारत की दीर्घकालिक विदेश नीति के अनुरूप है।
भारतीय विदेश मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयास और बातचीत का मार्ग ही कारगर रहेगा।
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