जेफ्री एपस्टीन केस में नए खुलासे: सांसदों ने जारी कीं 68 नई तस्वीरें, दस्तावेज़ों के खुलने से फिर तेज हुई बहस

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न्याय विभाग द्वारा लाखों दस्तावेज़ सार्वजनिक किए जाने की प्रक्रिया के बीच डेमोक्रेटिक सांसदों ने एपस्टीन से जुड़ी नई तस्वीरें जारी कीं, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर फिर उठे सवाल।

जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी सांसदों द्वारा 68 नई तस्वीरें जारी किए जाने और न्याय विभाग (DOJ) द्वारा केस से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज़ सार्वजनिक किए जाने के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है।

डेमोक्रेटिक सांसदों ने इन तस्वीरों को सार्वजनिक करते हुए कहा है कि इनका उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। तस्वीरों में एपस्टीन कई प्रभावशाली और चर्चित लोगों के साथ नजर आता है, हालांकि सांसदों ने स्पष्ट किया है कि तस्वीरों का जारी होना किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अपराध का प्रमाण नहीं है।

एपस्टीन की मौत और आधिकारिक निष्कर्ष

जेफ्री एपस्टीन, जो नाबालिगों की तस्करी के गंभीर आरोपों में हिरासत में था, अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर (MCC) में मृत पाया गया था। आधिकारिक जांच में उसकी मौत को आत्महत्या बताया गया। न्यूयॉर्क की तत्कालीन मुख्य मेडिकल एग्ज़ामिनर डॉ. बारबरा सैंपसन ने अपने निष्कर्ष पर कायम रहते हुए कहा था कि सभी मेडिकल तथ्यों को मिलाकर यही निष्कर्ष निकाला गया।

तत्कालीन अमेरिकी अटॉर्नी जनरल विलियम बार ने इस घटना को जेल प्रशासन की “गंभीर लापरवाहियों का परिणाम” बताया था।

जेल प्रशासन की गंभीर चूक

न्याय विभाग के इंस्पेक्टर जनरल की रिपोर्ट में MCC में कई प्रणालीगत विफलताओं की पुष्टि हुई। रिपोर्ट के अनुसार:

  • निगरानी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया

  • सुरक्षा कर्मियों द्वारा ड्यूटी में लापरवाही बरती गई

  • निगरानी कैमरों ने काम नहीं किया

  • आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं समय पर लागू नहीं की गईं

इन कारणों के चलते जेल को बाद में स्थायी रूप से बंद कर दिया गया।

मेडिकल राय और सवाल

हालांकि आधिकारिक रिपोर्ट के बावजूद कुछ फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। वहीं मेडिकल एग्ज़ामिनर ने स्पष्ट किया कि किसी एक मेडिकल संकेत के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता और उम्र व अन्य कारकों को भी ध्यान में रखा गया।

घिस्लेन मैक्सवेल का बयान

2025 में एपस्टीन की सहयोगी और दोषी ठहराई जा चुकी घिस्लेन मैक्सवेल से संघीय अभियोजकों ने पूछताछ की। उन्होंने कहा कि वह आधिकारिक निष्कर्ष से सहमत नहीं हैं, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास किसी साजिश का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है। उन्होंने जेल व्यवस्था की अव्यवस्था की ओर इशारा किया।

नए दस्तावेज़ और कानूनी दबाव

Epstein Files Transparency Act के तहत न्याय विभाग को केस से जुड़े दस्तावेज़ सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी अटॉर्नी जनरल के अनुसार, कई लाख पन्नों के दस्तावेज़ जारी किए जा रहे हैं और आने वाले हफ्तों में और फाइलें सामने आएंगी।

डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने चेतावनी दी है कि यदि सभी दस्तावेज़ समय पर सार्वजनिक नहीं किए गए, तो यह कानून का उल्लंघन होगा।

अब भी खुला है मामला

जेफ्री एपस्टीन की मौत के साथ पीड़ितों को अदालत में पूरा न्याय नहीं मिल सका। हालांकि, उसकी सहयोगी मैक्सवेल को 20 साल की सजा सुनाई गई। नई तस्वीरों और दस्तावेज़ों के सामने आने से यह साफ है कि यह मामला अब भी सार्वजनिक और कानूनी जांच के केंद्र में बना हुआ है।

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www.dainikjagranmpcg.com
20 Dec 2025 By Nitin Trivedi

जेफ्री एपस्टीन केस में नए खुलासे: सांसदों ने जारी कीं 68 नई तस्वीरें, दस्तावेज़ों के खुलने से फिर तेज हुई बहस

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जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी सांसदों द्वारा 68 नई तस्वीरें जारी किए जाने और न्याय विभाग (DOJ) द्वारा केस से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज़ सार्वजनिक किए जाने के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है।

डेमोक्रेटिक सांसदों ने इन तस्वीरों को सार्वजनिक करते हुए कहा है कि इनका उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। तस्वीरों में एपस्टीन कई प्रभावशाली और चर्चित लोगों के साथ नजर आता है, हालांकि सांसदों ने स्पष्ट किया है कि तस्वीरों का जारी होना किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अपराध का प्रमाण नहीं है।

एपस्टीन की मौत और आधिकारिक निष्कर्ष

जेफ्री एपस्टीन, जो नाबालिगों की तस्करी के गंभीर आरोपों में हिरासत में था, अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर (MCC) में मृत पाया गया था। आधिकारिक जांच में उसकी मौत को आत्महत्या बताया गया। न्यूयॉर्क की तत्कालीन मुख्य मेडिकल एग्ज़ामिनर डॉ. बारबरा सैंपसन ने अपने निष्कर्ष पर कायम रहते हुए कहा था कि सभी मेडिकल तथ्यों को मिलाकर यही निष्कर्ष निकाला गया।

तत्कालीन अमेरिकी अटॉर्नी जनरल विलियम बार ने इस घटना को जेल प्रशासन की “गंभीर लापरवाहियों का परिणाम” बताया था।

जेल प्रशासन की गंभीर चूक

न्याय विभाग के इंस्पेक्टर जनरल की रिपोर्ट में MCC में कई प्रणालीगत विफलताओं की पुष्टि हुई। रिपोर्ट के अनुसार:

  • निगरानी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया

  • सुरक्षा कर्मियों द्वारा ड्यूटी में लापरवाही बरती गई

  • निगरानी कैमरों ने काम नहीं किया

  • आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं समय पर लागू नहीं की गईं

इन कारणों के चलते जेल को बाद में स्थायी रूप से बंद कर दिया गया।

मेडिकल राय और सवाल

हालांकि आधिकारिक रिपोर्ट के बावजूद कुछ फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। वहीं मेडिकल एग्ज़ामिनर ने स्पष्ट किया कि किसी एक मेडिकल संकेत के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता और उम्र व अन्य कारकों को भी ध्यान में रखा गया।

घिस्लेन मैक्सवेल का बयान

2025 में एपस्टीन की सहयोगी और दोषी ठहराई जा चुकी घिस्लेन मैक्सवेल से संघीय अभियोजकों ने पूछताछ की। उन्होंने कहा कि वह आधिकारिक निष्कर्ष से सहमत नहीं हैं, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास किसी साजिश का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है। उन्होंने जेल व्यवस्था की अव्यवस्था की ओर इशारा किया।

नए दस्तावेज़ और कानूनी दबाव

Epstein Files Transparency Act के तहत न्याय विभाग को केस से जुड़े दस्तावेज़ सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी अटॉर्नी जनरल के अनुसार, कई लाख पन्नों के दस्तावेज़ जारी किए जा रहे हैं और आने वाले हफ्तों में और फाइलें सामने आएंगी।

डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने चेतावनी दी है कि यदि सभी दस्तावेज़ समय पर सार्वजनिक नहीं किए गए, तो यह कानून का उल्लंघन होगा।

अब भी खुला है मामला

जेफ्री एपस्टीन की मौत के साथ पीड़ितों को अदालत में पूरा न्याय नहीं मिल सका। हालांकि, उसकी सहयोगी मैक्सवेल को 20 साल की सजा सुनाई गई। नई तस्वीरों और दस्तावेज़ों के सामने आने से यह साफ है कि यह मामला अब भी सार्वजनिक और कानूनी जांच के केंद्र में बना हुआ है।

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