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आज का पंचांग: चतुर्दशी तिथि का क्षय, जानिए शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रह स्थिति
धर्म डेस्क
माघ शुक्ल त्रयोदशी के बाद चतुर्दशी तिथि का क्षय, चंद्रमा का मिथुन से कर्क में गोचर, पूजा-पाठ और दैनिक कार्यों के लिए जानें पूरा पंचांग
आज माघ माह की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के बाद चतुर्दशी तिथि का क्षय हो रहा है। पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि का समापन प्रातः 8 बजकर 26 मिनट पर होगा, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ होकर क्षय में चली जाएगी। ज्योतिषीय दृष्टि से तिथि क्षय को विशेष माना जाता है और इसका प्रभाव धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ दैनिक कार्यों पर भी देखा जाता है।
आज का दिन राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार माघ मास की 11वीं तिथि, शक संवत 1947 और विक्रम संवत 2082 के अंतर्गत है। सूर्य उत्तरायण स्थिति में है और शिशिर ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। चंद्रमा दिन में मिथुन राशि में रहते हुए रात्रि 8 बजकर 1 मिनट के बाद कर्क राशि में प्रवेश करेगा, जिससे भावनात्मक और पारिवारिक विषयों पर असर पड़ सकता है।
नक्षत्र की बात करें तो पुनर्वसु नक्षत्र रात्रि 1 बजकर 34 मिनट तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद पुष्य नक्षत्र आरंभ होगा। योग के रूप में विषकुंभ योग अपराह्न 1 बजकर 34 मिनट तक रहेगा और फिर प्रीति योग बनेगा। करण में तैतिल के बाद विष्टी करण का संयोग बन रहा है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार पुष्य नक्षत्र और प्रीति योग का मेल कार्यों में स्थिरता और सकारात्मकता प्रदान करता है।
शनिवार होने के कारण कुछ कार्यों में संयम और धैर्य रखने की सलाह दी गई है। आज राहुकाल का समय प्रातः 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत से बचना उचित माना जाता है। वहीं गुलिक काल सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक और यमगंड दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 9 मिनट से 6 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से 2 बजकर 55 मिनट तक और गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 48 मिनट से 6 बजकर 14 मिनट तक मानी गई है। सूर्योदय सुबह 7 बजकर 9 मिनट और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 59 मिनट पर होगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज के दिन मानसिक शांति और सकारात्मक सोच बनाए रखना लाभकारी रहेगा। संयमित आचरण और आत्मचिंतन से दिन को बेहतर बनाया जा सकता है। यह पंचांग पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में दैनिक उपयोग और जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है।
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आज माघ माह की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के बाद चतुर्दशी तिथि का क्षय हो रहा है। पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि का समापन प्रातः 8 बजकर 26 मिनट पर होगा, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ होकर क्षय में चली जाएगी। ज्योतिषीय दृष्टि से तिथि क्षय को विशेष माना जाता है और इसका प्रभाव धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ दैनिक कार्यों पर भी देखा जाता है।
आज का दिन राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार माघ मास की 11वीं तिथि, शक संवत 1947 और विक्रम संवत 2082 के अंतर्गत है। सूर्य उत्तरायण स्थिति में है और शिशिर ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। चंद्रमा दिन में मिथुन राशि में रहते हुए रात्रि 8 बजकर 1 मिनट के बाद कर्क राशि में प्रवेश करेगा, जिससे भावनात्मक और पारिवारिक विषयों पर असर पड़ सकता है।
नक्षत्र की बात करें तो पुनर्वसु नक्षत्र रात्रि 1 बजकर 34 मिनट तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद पुष्य नक्षत्र आरंभ होगा। योग के रूप में विषकुंभ योग अपराह्न 1 बजकर 34 मिनट तक रहेगा और फिर प्रीति योग बनेगा। करण में तैतिल के बाद विष्टी करण का संयोग बन रहा है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार पुष्य नक्षत्र और प्रीति योग का मेल कार्यों में स्थिरता और सकारात्मकता प्रदान करता है।
शनिवार होने के कारण कुछ कार्यों में संयम और धैर्य रखने की सलाह दी गई है। आज राहुकाल का समय प्रातः 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत से बचना उचित माना जाता है। वहीं गुलिक काल सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक और यमगंड दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 9 मिनट से 6 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से 2 बजकर 55 मिनट तक और गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 48 मिनट से 6 बजकर 14 मिनट तक मानी गई है। सूर्योदय सुबह 7 बजकर 9 मिनट और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 59 मिनट पर होगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज के दिन मानसिक शांति और सकारात्मक सोच बनाए रखना लाभकारी रहेगा। संयमित आचरण और आत्मचिंतन से दिन को बेहतर बनाया जा सकता है। यह पंचांग पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में दैनिक उपयोग और जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है।
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