- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- सौंफ पर सीमेंट-केमिकल चढ़ाकर बनाया जा रहा था जीरा: ग्वालियर में 46 बोरी नकली मसाला जब्त
सौंफ पर सीमेंट-केमिकल चढ़ाकर बनाया जा रहा था जीरा: ग्वालियर में 46 बोरी नकली मसाला जब्त
ग्वालियर (म.प्र.)
ट्रांसपोर्ट नगर के कोल्ड स्टोरेज से नकली जीरे का खुलासा, ब्रांडेड पैकिंग में बाजारों तक पहुंचाई जा रही थी खेप; तीन आरोपियों पर केस दर्ज
ग्वालियर में खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता स्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक कोल्ड स्टोरेज से पुलिस ने 46 बोरियां नकली जीरा जब्त किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि सौंफ के बीजों पर सीमेंट और रासायनिक पदार्थों का लेप लगाकर उन्हें जीरे जैसा रूप दिया जा रहा था और फिर ब्रांडेड पैकेट में भरकर बाजारों में असली जीरे के दाम पर बेचा जा रहा था।
यह कार्रवाई उस समय हुई, जब गुजरात के मेहसाना जिले के ऊंझा निवासी और ‘शिव पुजारी’ ब्रांड के कारोबारी विमल कुमार पटेल को अपने ब्रांड नाम से घटिया जीरा बिकने की शिकायतें मिलने लगीं। उन्होंने मामले की निजी तौर पर जांच कराई तो सुराग ग्वालियर तक पहुंचे। इसके बाद वे स्वयं ग्वालियर आए और बहोड़ापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि ग्वालियर निवासी हितेश सिंघल उर्फ चपक इस नकली जीरे के कारोबार में मुख्य भूमिका निभा रहा था। इस पूरे नेटवर्क में झांसी का व्यापारी टीटू अग्रवाल भी शामिल बताया जा रहा है। नकली जीरे की खेप मां शीतला कोल्ड स्टोरेज में स्टोर की गई थी, जहां से इसे अलग-अलग बाजारों में सप्लाई किया जाना था।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम ने कोल्ड स्टोरेज पर छापा मारा। बोरियों की जांच करने पर सभी 46 बोरियों में नकली जीरा पाया गया। पुलिस का कहना है कि सौंफ के बीजों पर सीमेंट और केमिकल का लेप इस तरह किया गया था कि वह देखने में असली जीरे जैसा लगे। यह न केवल धोखाधड़ी है, बल्कि लोगों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ भी है।
पुलिस ने कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले में धोखाधड़ी, मिलावट और कॉपीराइट उल्लंघन से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नकली जीरा किन-किन इलाकों में सप्लाई किया गया और अब तक कितनी मात्रा बाजार में पहुंच चुकी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों में इस तरह की मिलावट सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के लिए खतरा है। नकली मसालों में इस्तेमाल किए गए केमिकल और सीमेंट जैसे तत्व लंबे समय में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। इसलिए मामले की जांच को गंभीरता से लिया जा रहा है और सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
वहीं, शिकायतकर्ता विमल कुमार पटेल ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने कोल्ड स्टोरेज मैनेजर से इस बारे में सवाल किया तो उन्हें धमकी भी दी गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस की मदद ली। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और जरूरत पड़ने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को भी जांच में शामिल किया जाएगा।
--------------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
