घर, दुकान या कार्यालय में वास्तु नियमों का पालन केवल परंपरा नहीं, बल्कि संतुलित जीवन और आर्थिक स्थिरता से भी जुड़ा माना जाता है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ छोटे लेकिन सही बदलाव धन हानि को रोकने, व्यापार में तेजी लाने और घर में सुख-शांति बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। ऐसे ही सरल वास्तु उपाय, जिन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाया जा सकता है।
व्यापार या नौकरी करने वाले लोगों के लिए बैठने की दिशा बेहद अहम मानी जाती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, दुकानदार या कर्मचारी को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए। माना जाता है कि दक्षिण या पश्चिम की ओर बैठने से आर्थिक बाधाएं और कार्य में रुकावटें आ सकती हैं। यही नियम कार्यालय में भी लागू होता है, जहां दरवाजे की ओर पीठ करके बैठने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से कार्यस्थल पर अविश्वास और नुकसान की स्थिति बन सकती है।
घर के भीतर आईने की स्थिति को लेकर भी वास्तु में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। शयनकक्ष में बिस्तर के ठीक सामने आईना रखने को अशुभ माना जाता है। इससे पारिवारिक तनाव और दांपत्य जीवन में मतभेद बढ़ने की आशंका बताई जाती है। यदि कमरे में आईना हटाना संभव न हो, तो उसे परदे से ढकने की सलाह दी जाती है।
वास्तु शास्त्र में ऋण से जुड़े नियम भी अहम माने गए हैं। मान्यता है कि रविवार, मंगलवार, संक्रांति के दिन या कुछ विशेष योगों में कर्ज लेने से व्यक्ति लंबे समय तक ऋणग्रस्त रह सकता है। वहीं, यदि कर्ज चुकाने की बात हो, तो मंगलवार को भुगतान करना लाभकारी माना जाता है। मजबूरी में ऋण लेना पड़े तो बुधवार का दिन अपेक्षाकृत अनुकूल बताया जाता है।
घर और दुकान में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए नियमित सफाई को जरूरी माना गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, पोंछा लगाते समय पानी में थोड़ा नमक मिलाने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम हो सकता है। यह उपाय घर, दुकान और कार्यालय—तीनों जगह समान रूप से उपयोगी माना जाता है।
वास्तु में प्रतीकात्मक उपायों का भी उल्लेख मिलता है। मुख्य दरवाजे पर लाल धागे या रिबन में बंधे तीन चीनी सिक्के लगाने को समृद्धि का संकेत माना जाता है। इसी तरह, घर में एक सीध में लगातार तीन दरवाजे होना शुभ नहीं माना जाता, क्योंकि इससे सकारात्मक ऊर्जा तेजी से बाहर निकल जाती है।
व्यापार में लगातार मंदी का सामना कर रहे लोगों के लिए भवन संरचना से जुड़ा उपाय भी बताया जाता है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण दिशा की दीवार को अन्य दिशाओं की तुलना में ऊंचा रखने से व्यवसाय में स्थिरता और प्रगति के संकेत मिल सकते हैं।
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