जबलपुर के गुलौआ तालाब में मरी मछलियों से फैली दुर्गंध

जबलपुर (म.प्र.)

On

नालों का गंदा पानी मिलने से जलस्रोत प्रदूषित, स्थानीय लोगों ने नगर निगम से की तत्काल कार्रवाई की मांग

शहर के गुलौआ तालाब में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत से इलाके में गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है। तालाब की सतह पर मरी हुई मछलियां तैरती देखी जा रही हैं, जबकि आसपास के रिहायशी इलाकों में तेज बदबू फैल गई है। स्थिति ऐसी है कि लोगों को घरों से बाहर निकलना और खुली हवा में सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।

कब और कैसे सामने आई स्थिति

स्थानीय रहवासियों के अनुसार, पिछले दो दिनों से तालाब के पानी से असामान्य दुर्गंध महसूस की जा रही थी। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन जब बदबू तेज होती गई तो नागरिक तालाब के पास पहुंचे। वहां तालाब की सतह पर सैकड़ों मरी हुई मछलियां तैरती दिखाई दीं। इसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

स्थानीय लोगों की चिंता

क्षेत्र की निवासी प्रीति दुबे ने बताया कि तालाब से उठ रही बदबू अब घरों के भीतर तक फैल रही है। बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि यह समस्या अचानक नहीं है, बल्कि लंबे समय से तालाब की अनदेखी का नतीजा है।

सुबह की सैर के लिए रोज तालाब किनारे आने वाले राम पटेल ने बताया कि वे कई बार नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से तालाब की सफाई और संरक्षण की शिकायत कर चुके हैं। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई होती तो आज यह स्थिति नहीं बनती।

संभावित कारण क्या हैं

स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण से जुड़े जानकारों का मानना है कि गुलौआ तालाब में आसपास के नालों का गंदा पानी लगातार मिल रहा है। घरेलू अपशिष्ट, गंदा पानी और संभवतः रासायनिक तत्व तालाब में जमा हो गए हैं। इससे पानी में ऑक्सीजन का स्तर गिरा, जो मछलियों की मौत का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

इसके अलावा, लंबे समय से तालाब की नियमित सफाई नहीं होने और जल प्रवाह बाधित रहने से भी प्रदूषण बढ़ा है।

प्रशासन और नगर निगम पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब नगर निगम के अधीन आता है, लेकिन इसके बावजूद न तो नियमित सफाई होती है और न ही नालों के पानी को रोकने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था की गई है। नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि मरी हुई मछलियों को जल्द नहीं हटाया गया और तालाब को साफ नहीं किया गया, तो मच्छरों, संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

निवासियों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल तालाब से मरी मछलियों को हटाया जाए, पानी की जांच कराई जाए और गंदे नालों के पानी को तालाब में मिलने से रोका जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए स्थायी जल संरक्षण योजना लागू करने की भी मांग उठी है।

-------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

खबरें और भी हैं

शाहरुख खान के वीडियो विवाद पर हांडे एर्सेल की कथित सफाई

टाप न्यूज

शाहरुख खान के वीडियो विवाद पर हांडे एर्सेल की कथित सफाई

जॉय अवॉर्ड्स 2026 के वायरल क्लिप को लेकर सोशल मीडिया पर मचा भ्रम, फेक स्टोरी के दावे भी तेज
बालीवुड 
शाहरुख खान के वीडियो विवाद पर हांडे एर्सेल की कथित सफाई

द स्पिरिट हंटर्स: मन, ऊर्जा और चेतना को समझने की एक समग्र पहल

साइको-एनेर्जी थेरेपी प्लेटफॉर्म मानसिक तनाव और भावनात्मक उलझनों के लिए सुरक्षित स्पेस प्रदान करता है
लाइफ स्टाइल  देश विदेश 
द स्पिरिट हंटर्स: मन, ऊर्जा और चेतना को समझने की एक समग्र पहल

छत्तीसगढ़ में SIR प्रक्रिया को लेकर राहत संभव: दावा-आपत्ति की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा

लाखों लंबित मामलों और नो-मैपिंग मतदाताओं के चलते निर्वाचन आयोग का कदम, मंजूरी के बाद होगी घोषणा
छत्तीसगढ़ 
छत्तीसगढ़ में SIR प्रक्रिया को लेकर राहत संभव: दावा-आपत्ति की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा

‘धुरंधर 2’ में सरप्राइज एंट्री करेंगे विक्की कौशल?

रिपोर्ट का दावा– ‘उरी’ वाले मेजर विहान शेरगिल के रूप में एक्सटेंडेड कैमियो में दिख सकते हैं
बालीवुड 
‘धुरंधर 2’ में सरप्राइज एंट्री करेंगे विक्की कौशल?

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.