रणजी ट्रॉफी के सातवें और आखिरी ग्रुप राउंड की शुरुआत गुरुवार को कई अहम मुकाबलों के साथ हुई, जहां तेज गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिला। हैदराबाद के लिए मोहम्मद सिराज ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके और छत्तीसगढ़ को दबाव में ला दिया। वहीं, ग्रुप-बी में टेबल टॉपर मध्य प्रदेश अपने घरेलू मैदान पर महाराष्ट्र के खिलाफ 187 रन पर ऑलआउट हो गई, जिससे नॉकआउट समीकरण और दिलचस्प हो गए।
ग्रुप-डी के मुकाबले में हैदराबाद ने छत्तीसगढ़ को पहली पारी में 283 रन पर समेट दिया। मोहम्मद सिराज ने नई गेंद से लगातार घरेलू क्रिकेट में अपनी उपयोगिता साबित करते हुए चार महत्वपूर्ण विकेट लिए। छत्तीसगढ़ की ओर से विकल्प तिवारी ने 94 और प्रतीक यादव ने 106 रन की संघर्षपूर्ण पारियां खेलीं। जवाब में हैदराबाद ने बिना विकेट गंवाए 56 रन बनाकर मजबूत शुरुआत कर ली।
ग्रुप-बी में इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले में मध्य प्रदेश की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। महाराष्ट्र के तेज गेंदबाज राजवर्धन हंगरगेकर ने धारदार स्पेल डालते हुए पांच विकेट लिए और एमपी की पूरी टीम 187 रन पर सिमट गई। महाराष्ट्र ने दिन का खेल खत्म होने तक दो विकेट खोकर 52 रन बना लिए हैं।
इसी ग्रुप में मोहाली में पंजाब ने कर्नाटक के खिलाफ पहली पारी में नौ विकेट पर 303 रन बनाए। इमानजोत चहल ने नाबाद 77 रन की अहम पारी खेली। कर्नाटक के लिए श्रेयस गोपाल और विद्याधर पाटील ने तीन-तीन विकेट लिए। इस मुकाबले में टीम इंडिया के केएल राहुल और प्रसिद्ध कृष्णा भी कर्नाटक की ओर से मैदान में उतरे, जो फिटनेस और फॉर्म के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
ग्रुप-ए में नागालैंड मुश्किल में नजर आ रहा था, लेकिन चेतन बिष्ट ने शानदार शतक जड़कर मैच का रुख बदल दिया। आंध्र प्रदेश के खिलाफ नागालैंड ने 59 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे, लेकिन बिष्ट की 160 रन की नाबाद पारी की बदौलत टीम ने छह विकेट पर 322 रन बना लिए। इसी ग्रुप में विदर्भ के कप्तान हर्ष दुबे ने उत्तर प्रदेश के खिलाफ 37 रन देकर छह विकेट झटके और यूपी को 237 पर ऑलआउट कर दिया।
ग्रुप-सी में नॉकआउट में पहुंच चुकी बंगाल ने हरियाणा के खिलाफ ठोस शुरुआत की। सुदीप चटर्जी 77 रन बनाकर नाबाद लौटे। दूसरी ओर, उत्तराखंड के कुणाल चंदेला ने असम के खिलाफ नाबाद 128 रन की पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
ग्रुप-डी में जम्मू-कश्मीर ने हिमाचल प्रदेश को 168 रन पर ढेर कर दिया। सुनील कुमार ने पांच विकेट लेकर मैच पर पकड़ बना ली। मुंबई ने दिल्ली को 221 रन पर समेटकर नॉकआउट की ओर एक और कदम बढ़ा दिया।
रणजी ट्रॉफी के इस निर्णायक राउंड में कई टीमों की किस्मत दांव पर है। तेज गेंदबाजों के प्रभावशाली प्रदर्शन और अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी ने घरेलू क्रिकेट को और रोमांचक बना दिया है, जहां अगले दो दिन नॉकआउट की तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है।
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