कोरबा जिले में नगर सैनिकों के लंबे समय से चल रहे विरोध और असंतोष के बीच गुरुवार को नई जिला सेनानी योगिता साहू ने कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने नगर सैनिकों के साथ एक संवाद बैठक आयोजित कर स्पष्ट संदेश दिया कि विभाग की कार्यप्रणाली और छवि को सुधारना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने सैनिकों से आपसी सामंजस्य के साथ काम करने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
योगिता साहू की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब कोरबा में नगर सैनिकों का आंदोलन पिछले दो महीनों से जारी था। पूर्व जिला सेनानी अनुज एक्का के खिलाफ सैनिक लगातार प्रदर्शन कर रहे थे और उच्च अधिकारियों से शिकायतें भी की गई थीं। हालात उस वक्त गंभीर हो गए, जब बर्खास्तगी से आहत एक नगर सैनिक ने जहर का सेवन कर लिया। इस घटना के बाद सैनिकों का आक्रोश और बढ़ गया और उन्होंने धरना शुरू कर दिया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अनुज एक्का को रायपुर अटैच कर दिया और जांजगीर-चांपा से योगिता साहू को कोरबा का प्रभार सौंपा। प्रभार संभालने के बाद आयोजित सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष नगर सैनिक मौजूद रहे। बैठक के दौरान सैनिकों ने खुलकर अपनी समस्याएं और शिकायतें रखीं।
जिला सेनानी योगिता साहू ने सैनिकों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि विभाग की साख इस तरह के विवादों से प्रभावित हो रही है, जिसे मिलकर सुधारने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए सभी नगर सैनिक समान हैं और किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने सैनिकों को आश्वस्त किया कि किसी भी प्रकार की समस्या हो, तो वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं।
बैठक में बर्खास्त किए गए एक सैनिक का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। इस पर जिला सेनानी ने कहा कि मामले की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी और नियमों के तहत जो भी संभव होगा, किया जाएगा। उन्होंने सैनिकों से भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करने का आग्रह किया।
योगिता साहू वर्ष 2017 से नगर सेना विभाग में सेवाएं दे रही हैं। वे जशपुर जिले में साढ़े चार साल तक पदस्थ रहीं और इसके बाद जांजगीर-चांपा जिले में कार्यरत रहीं। हाल के वर्षों में वे सक्ती जिले का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रही थीं। उनके अनुभव को देखते हुए विभाग को उम्मीद है कि कोरबा में चल रहा गतिरोध जल्द समाप्त होगा।
यह घटनाक्रम पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में सामने आया है, जो सरकारी अपडेट और राष्ट्रीय समाचार के संदर्भ में प्रशासनिक जवाबदेही और संवाद की अहमियत को रेखांकित करता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नई जिला सेनानी के नेतृत्व में नगर सैनिकों की समस्याओं का समाधान किस गति से होता है और विभाग में सामान्य स्थिति कब बहाल होती है।
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