पाकिस्तान का आगामी टी-20 वर्ल्ड कप से हटना अब लगभग असंभव माना जा रहा है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि राष्ट्रीय टीम 2 फरवरी की सुबह श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के लिए रवाना होगी। इसके साथ ही टूर्नामेंट या भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले अहम मुकाबले के बहिष्कार को लेकर चल रही अटकलों पर काफी हद तक विराम लग गया है।
सूत्रों के मुताबिक, PCB ने टीम का पूरा ट्रैवल शेड्यूल तय कर लिया है और बोर्ड जल्द ही वर्ल्ड कप में भागीदारी की औपचारिक पुष्टि कर सकता है। इससे पहले 25 जनवरी को PCB ने टी-20 वर्ल्ड कप के लिए अपनी टीम की घोषणा भी कर दी थी, जिसे इस दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा था।
दरअसल, पाकिस्तान ने हाल के दिनों में बांग्लादेश के समर्थन में सख्त रुख अपनाया था। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में खेले जाने वाले टी-20 वर्ल्ड कप से हटने की मांग की थी। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) द्वारा यह मांग ठुकराए जाने के बाद बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया। इसी फैसले के विरोध में PCB प्रमुख मोहसिन नकवी ने भी वर्ल्ड कप न खेलने की चेतावनी दी थी।
हालांकि, व्यावहारिक और कानूनी सीमाएं पाकिस्तान के लिए बड़ा रोड़ा बन गईं। PCB भले ही बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं के समर्थन में खड़ा रहा हो, लेकिन ICC में अपनी स्थिति और भविष्य के हितों को देखते हुए वह टूर्नामेंट से हटने का जोखिम नहीं उठा सकता। BCCI, PCB और ICC के बीच पहले से मौजूद त्रिपक्षीय समझौते के तहत 2027 तक भारत-पाकिस्तान के सभी मुकाबले तटस्थ स्थलों पर खेले जाने हैं। ऐसे में PCB के लिए इस समझौते को तोड़ना संभव नहीं माना जा रहा।
इसके अलावा, पाकिस्तान का पूरा वर्ल्ड कप शेड्यूल श्रीलंका में तय है। भारत के खिलाफ मुकाबला भी वहीं खेला जाना है और अगर टीम फाइनल तक पहुंचती है, तो खिताबी मुकाबला भी श्रीलंका में ही होगा। ऐसे में भारत में खेलने या सुरक्षा का मुद्दा उठाकर बहिष्कार करने का आधार कमजोर पड़ जाता है।
इस बीच, PCB प्रमुख मोहसिन नकवी ने 26 जनवरी को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी। इस बैठक में पाकिस्तान की वर्ल्ड कप भागीदारी और भारत के खिलाफ मैच को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री को यह स्पष्ट किया गया कि सभी फैसले पाकिस्तान क्रिकेट के दीर्घकालिक हित, वित्तीय स्थिरता और ICC व अन्य सदस्य बोर्डों के साथ संबंधों को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे।
उधर, ICC ने भी साफ संकेत दिए हैं कि अगर पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप से हटता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में PCB पर अंतरराष्ट्रीय दबाव भी लगातार बना हुआ है।
खेल विश्लेषकों का मानना है कि बांग्लादेश के समर्थन में दिया गया बयान राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव का हिस्सा था, लेकिन मैदान से दूरी बनाना पाकिस्तान क्रिकेट के लिए भारी पड़ सकता था। अब टीम के कोलंबो रवाना होने की खबर ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान वर्ल्ड कप में खेलने के लिए तैयार है और विवाद के बावजूद टूर्नामेंट में उसकी मौजूदगी तय मानी जा रही है।
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