हाईकोर्ट का सख्त रुख: सेवा में रहते कोर्ट कर्मचारी रेगुलर स्टूडेंट बनकर नहीं कर सकेंगे पढ़ाई

रायपुर (छ.ग.)

On

डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच का आदेश पलटा, कहा—नियमित पढ़ाई से कामकाज और प्रशासनिक अनुशासन प्रभावित होगा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने न्यायिक प्रशासन और अनुशासन को लेकर एक अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि अदालतों में कार्यरत कोई भी कर्मचारी सेवा में रहते हुए नियमित छात्र (रेगुलर स्टूडेंट) की तरह शैक्षणिक डिग्री प्राप्त नहीं कर सकता। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने इस मामले में सिंगल बेंच के आदेश को निरस्त कर दिया है।

डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा कि नियमित छात्र के तौर पर पढ़ाई करने से कार्यालयीन कामकाज प्रभावित होता है और इससे प्रशासनिक अनुशासन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायपालिका से जुड़े कर्मचारियों के लिए सेवा नियमों का पालन सर्वोपरि है।

यह मामला रायपुर जिला न्यायालय में पदस्थ असिस्टेंट ग्रेड-3 अजीत चौबेलाल गोहर से जुड़ा है। अजीत ने अपनी परिवीक्षा अवधि के दौरान एलएलबी की पढ़ाई शुरू की थी। विभाग की अनुमति से उन्होंने एलएलबी प्रथम और द्वितीय वर्ष की पढ़ाई पूरी कर ली थी। हालांकि, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में जब उन्होंने एलएलबी अंतिम वर्ष में नियमित छात्र के रूप में अध्ययन की अनुमति मांगी, तो विभाग ने नए नियमों का हवाला देते हुए इनकार कर दिया।

विभाग का तर्क था कि छत्तीसगढ़ जिला न्यायपालिका स्थापना नियम 2023 के तहत कोई भी कर्मचारी सेवा में रहते हुए नियमित छात्र के रूप में परीक्षा या अध्ययन नहीं कर सकता। इसके बाद कर्मचारी ने विभाग के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए यह कहा था कि चूंकि कर्मचारी ने दो वर्ष की पढ़ाई पूरी कर ली है, इसलिए उसे अंतिम वर्ष की भी अनुमति दी जानी चाहिए। इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट प्रशासन ने रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से डिवीजन बेंच में अपील दाखिल की।

डिवीजन बेंच ने अपील स्वीकार करते हुए सिंगल बेंच के 10 दिसंबर 2025 के आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही, विभाग द्वारा 4 सितंबर 2025 को जारी उस आदेश को सही ठहराया, जिसमें कर्मचारी को नियमित छात्र के रूप में पढ़ाई की अनुमति देने से मना किया गया था।

अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा कि सिंगल बेंच ने विभाग को अपना पक्ष रखने का समुचित अवसर दिए बिना ही आदेश पारित कर दिया था, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और न्यायिक अनुशासन के विरुद्ध है।

हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि कर्मचारी यदि पढ़ाई करना चाहते हैं तो वे निजी (प्राइवेट) या पत्राचार माध्यम से शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं, लेकिन नियमित कक्षाओं में उपस्थित रहकर डिग्री हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

इस फैसले को न्यायिक प्रशासन में अनुशासन और कार्यकुशलता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही, यह निर्णय भविष्य में न्यायालयों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक स्पष्ट मार्गदर्शन भी प्रदान करता है।

----------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

खबरें और भी हैं

डेमोक्रेटिक संघ की चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 में शामिल हुईं आईएएस हरि चंदना

टाप न्यूज

डेमोक्रेटिक संघ की चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 में शामिल हुईं आईएएस हरि चंदना

लोकतांत्रिक मूल्यों को मज़बूती देने और नागरिकों की भागीदारी को सशक्त बनाने के लिए कार्यरत सामाजिक सुधार संगठन डेमोक्रेटिक संघ...
देश विदेश 
डेमोक्रेटिक संघ की चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 में शामिल हुईं आईएएस हरि चंदना

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो में मध्यप्रदेश के 12 उद्यमों की सक्रिय भागीदारी

फैब्रिक्स, पर्ल, बांस उत्पाद और मसाले सहित विभिन्न उद्योगों के स्टॉलों ने आकर्षित किया व्यापारिक प्रतिनिधियों का ध्यान
मध्य प्रदेश  भोपाल 
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो में मध्यप्रदेश के 12 उद्यमों की सक्रिय भागीदारी

रणजी ट्रॉफी राउंड-7: सिराज की धार से हैदराबाद मजबूत, एमपी घर में ढही; राहुल-कृष्णा की वापसी

घरेलू क्रिकेट में तेज गेंदबाजों का दबदबा, कई ग्रुप में नॉकआउट की तस्वीर साफ होने लगी
स्पोर्ट्स 
रणजी ट्रॉफी राउंड-7: सिराज की धार से हैदराबाद मजबूत, एमपी घर में ढही; राहुल-कृष्णा की वापसी

टी-20 वर्ल्ड कप से हटना पाकिस्तान के लिए आसान नहीं, 2 फरवरी को कोलंबो रवाना होने की तैयारी

PCB सूत्रों का दावा— टीम का शेड्यूल तय, भारत के खिलाफ मैच और टूर्नामेंट बहिष्कार की अटकलों पर लगभग विराम...
स्पोर्ट्स  टॉप न्यूज़ 
टी-20 वर्ल्ड कप से हटना पाकिस्तान के लिए आसान नहीं, 2 फरवरी को कोलंबो रवाना होने की तैयारी

बिजनेस

इकोनॉमिक सर्वे की चेतावनी: देश के 40% गिग वर्कर्स की आय 15 हजार से कम, न्यूनतम कमाई तय करने की सिफारिश इकोनॉमिक सर्वे की चेतावनी: देश के 40% गिग वर्कर्स की आय 15 हजार से कम, न्यूनतम कमाई तय करने की सिफारिश
प्लेटफॉर्म जॉब्स में अस्थिर आय पर सरकार की चिंता, वेटिंग टाइम का भुगतान और एल्गोरिदम कंट्रोल पर सुधार के संकेत...
संसद में पेश हुआ देश की अर्थव्यवस्था का लेखा-जोखा: FY27 में विकास दर 7% के आसपास रहने का अनुमान, रोजगार और निर्यात पर भरोसा
शेयर बाजार में मजबूती: सेंसेक्स 221 अंक चढ़कर 82,566 पर बंद, निफ्टी भी हरे निशान में
मारुति सुजुकी का Q3 मुनाफा 4% बढ़ा, रेवेन्यू 49,891 करोड़; अक्टूबर-दिसंबर में 6.67 लाख कारों की बिक्री
सेंसेक्स में 500 अंकों की गिरावट, 81,850 के करीब कारोबार; निफ्टी भी टूटा, ऑटो और IT शेयरों में दबाव
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.