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बच्चों को नशीले इंजेक्शन बेचने वाला गिरोह बेनकाब: बिलासपुर में दो आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में ड्रग्स जब्त
बिलासपुर (छ.ग.)
कोतवाली पुलिस की कार्रवाई में नाबालिगों को नशे का आदी बनाने का खुलासा; एविल इंजेक्शन, नाइट्रा टैबलेट और सिरिंज बरामद, सप्लाई नेटवर्क की जांच तेज
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बच्चों और युवाओं को नशे की लत में धकेलने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में नशीले इंजेक्शन और टैबलेट बेचने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाएं बरामद की गई हैं। दोनों को एनडीपीएस एक्ट के तहत न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
कोतवाली के सीएसपी गगन कुमार ने बताया कि जूना बिलासपुर इलाके से सूचना मिली थी कि एक युवक नाबालिग बच्चों को नशीले इंजेक्शन देकर उन्हें धीरे-धीरे नशे का आदी बना रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध को मौके से पकड़ा। पूछताछ में उसकी पहचान अमन विश्वकर्मा उर्फ टेंगा (25 वर्ष) के रूप में हुई।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 400 नग एविल इंजेक्शन की शीशियां, ब्यूप्रेनोर्फिन और नालोक्सोन टैबलेट, इंजेक्शन लगाने वाली सिरिंज, इस्तेमाल की हुई खाली शीशियां और 700 रुपए नकद बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ नाबालिग बच्चे मौके से भाग निकले, जिससे यह आशंका और गहरी हो गई कि आरोपी लंबे समय से बच्चों को नशे की चपेट में ले रहा था।
कोतवाली थाना प्रभारी देवेश सिंह ने बताया कि आरोपी इंजेक्शन और टैबलेट को मिलाकर नाबालिगों को नशा कराने की कोशिश कर रहा था, जो स्वास्थ्य और सामाजिक दृष्टि से बेहद गंभीर अपराध है। आरोपी के खिलाफ जेजे एक्ट की धारा 77 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 123, 275 और 286 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इसी दौरान पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई में गांधी चौक स्थित मिनी स्टेडियम गली के पास नशीली दवाइयां बेचने की फिराक में घूम रहे एक युवक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसकी पहचान प्रिंस बोले (20 वर्ष), निवासी नया पारा दयालबंद के रूप में हुई। उसके पास से नाइट्राजेपाम टैबलेट की 9 स्ट्रिप, कुल 90 गोलियां, 240 रुपए नकद और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। आरोपी कोई वैध चिकित्सकीय पर्चा या लाइसेंस पेश नहीं कर सका। इस मामले में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 22 और 29 के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस अब दोनों मामलों में नशीली दवाओं की सप्लाई चेन की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रतिबंधित इंजेक्शन और टैबलेट कहां से लाई जा रही थीं और किन-किन इलाकों में इनकी आपूर्ति की जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जल्द सामने लाई जाएगी।
कोतवाली पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नशे से जुड़ी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों को नशे की ओर धकेलने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
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