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दुर्ग में नवविवाहिता की मौत के तीन महीने बाद पति-ससुर गिरफ्तार
दुर्ग (छ.ग.)
दहेज प्रताड़ना के आरोप में केस दर्ज होने के बाद से थे फरार, पुलिस ने सिमगा में घेराबंदी कर दोनों को पकड़ा; अन्य आरोपियों की तलाश जारी
जिले के नंदिनी नगर थाना क्षेत्र में करीब तीन महीने पहले हुई एक नवविवाहिता की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने उसके पति और ससुर को गिरफ्तार किया है। दोनों पर महिला को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने का आरोप है। घटना 7 अप्रैल 2026 को ग्राम सहगांव में हुई थी। महिला की मौत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और परिवार से जुड़े लोगों के बयान समेत अन्य तथ्यों की पड़ताल की। पुलिस के मुताबिक जांच में विवाह के बाद दहेज को लेकर नवविवाहिता को मानसिक रूप से परेशान किए जाने के आरोप सामने आए। इसके आधार पर संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। केस दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी घर छोड़कर चले गए और पुलिस को उनकी तलाश थी। करीब तीन महीने तक दोनों की तलाश अलग-अलग जगहों पर की जाती रही। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि महिला का पति युवराज पटेल, उम्र 29 वर्ष और उसका ससुर ओम प्रकाश पटेल, उम्र 58 वर्ष, सिमगा क्षेत्र में मौजूद हैं।
सूचना मिलने के बाद नंदिनी नगर पुलिस की टीम वहां पहुंची और संभावित ठिकाने के आसपास घेराबंदी की। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और पहचान की पुष्टि होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उन्हें दुर्ग लेकर पहुंची, जहां आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस मामले में नामजद या जांच के दायरे में आए अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है। पुलिस उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है और अलग-अलग जगह दबिश देने की बात कही गई है। मामला नंदिनी नगर थाना क्षेत्र के ग्राम सहगांव का है। 7 अप्रैल को नवविवाहिता की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी और प्रारंभिक कार्रवाई शुरू की गई। चूंकि मामला विवाह के बाद एक नवविवाहिता की असामान्य परिस्थितियों में मौत से जुड़ा था, इसलिए उसके वैवाहिक जीवन और ससुराल में परिस्थितियों को लेकर भी जांच की गई। इसी दौरान दहेज मांगने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप सामने आए। पुलिस के अनुसार जांच में मिले तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई थी।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि शादी के बाद से ही महिला पर कथित रूप से दहेज को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने पर उसे मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। पुलिस इसी पहलू को उसकी आत्महत्या से जोड़कर जांच कर रही है। हालांकि मामले में आरोपों की अंतिम न्यायिक पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में होगी। घटना के बाद दर्ज किए गए प्रकरण में पुलिस ने परिवार के सदस्यों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से जानकारी जुटाई। इसी आधार पर आरोपियों की भूमिका की जांच आगे बढ़ी। पुलिस के मुताबिक प्रकरण दर्ज होते ही पति और ससुर अपने घर से गायब हो गए थे। उनके संभावित ठिकानों पर तलाश की गई, लेकिन वे हाथ नहीं आए। लगातार फरार रहने के कारण पुलिस उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही थी। इसी बीच मुखबिर से सिमगा क्षेत्र में दोनों के छिपे होने की सूचना मिली। जानकारी की पुष्टि के बाद टीम रवाना की गई। बताया जा रहा है कि आरोपियों को भनक न लगे, इसलिए पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की और फिर दोनों को पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए युवराज पटेल की उम्र 29 वर्ष और ओम प्रकाश पटेल की उम्र 58 वर्ष बताई गई है।
पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश करते हुए मामले से जुड़ी कार्रवाई की जानकारी दी, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया। Durg Dowry Harassment Case में पुलिस की जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। प्रकरण से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी देखी जा रही है और जो आरोपी फरार बताए गए हैं, उनकी तलाश जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान आरोपियों ने किन स्थानों पर शरण ली और किसके संपर्क में रहे। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नवविवाहिता की मौत के बाद से यह मामला करीब तीन महीने से जांच में था। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण पुलिस लगातार उनकी लोकेशन तलाश रही थी। सिमगा में मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई संभव हो सकी। दुर्ग से बाहर दूसरे क्षेत्र में आरोपियों के मिलने के कारण स्थानीय स्तर पर समन्वय कर कार्रवाई किए जाने की जानकारी है।
पुलिस के सामने अब मामले में फरार बताए जा रहे बाकी आरोपियों को पकड़ने के साथ पूरे घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों को अदालत के सामने रखने की प्रक्रिया है। जांच में यह देखा जा रहा है कि विवाह के बाद महिला के साथ किस तरह का व्यवहार हुआ, दहेज की कथित मांग कब और किस स्तर पर की गई और इसे लेकर परिवार के लोगों को क्या जानकारी थी। ऐसे मामलों में बयान, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। पुलिस ने फिलहाल पति और ससुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि बाकी आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश जारी है। घटना के बाद दर्ज मामले में शुरुआती जांच से लेकर गिरफ्तारी तक करीब तीन महीने का समय लगा। इस दौरान दोनों आरोपी पुलिस की पहुंच से बाहर रहे। सिमगा में उनके छिपे होने की सूचना पुलिस के लिए अहम साबित हुई।
टीम ने सूचना के आधार पर इलाके में पहुंचकर पहले दोनों की मौजूदगी की पुष्टि की और उसके बाद घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से आवश्यक पूछताछ और दस्तावेजी कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक जांच में नवविवाहिता को दहेज की मांग को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के आरोप सामने आए हैं। इन्हीं आरोपों और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनकी भूमिका को लेकर भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस फरार लोगों तक पहुंचने के लिए संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। नंदिनी नगर थाना पुलिस ने मामले की जांच जारी रखी है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग स्थानों पर तलाश की जा रही है।
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दुर्ग (छ.ग.)
जिले के नंदिनी नगर थाना क्षेत्र में करीब तीन महीने पहले हुई एक नवविवाहिता की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने उसके पति और ससुर को गिरफ्तार किया है। दोनों पर महिला को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने का आरोप है। घटना 7 अप्रैल 2026 को ग्राम सहगांव में हुई थी। महिला की मौत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और परिवार से जुड़े लोगों के बयान समेत अन्य तथ्यों की पड़ताल की। पुलिस के मुताबिक जांच में विवाह के बाद दहेज को लेकर नवविवाहिता को मानसिक रूप से परेशान किए जाने के आरोप सामने आए। इसके आधार पर संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। केस दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी घर छोड़कर चले गए और पुलिस को उनकी तलाश थी। करीब तीन महीने तक दोनों की तलाश अलग-अलग जगहों पर की जाती रही। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि महिला का पति युवराज पटेल, उम्र 29 वर्ष और उसका ससुर ओम प्रकाश पटेल, उम्र 58 वर्ष, सिमगा क्षेत्र में मौजूद हैं।
सूचना मिलने के बाद नंदिनी नगर पुलिस की टीम वहां पहुंची और संभावित ठिकाने के आसपास घेराबंदी की। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और पहचान की पुष्टि होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उन्हें दुर्ग लेकर पहुंची, जहां आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस मामले में नामजद या जांच के दायरे में आए अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है। पुलिस उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है और अलग-अलग जगह दबिश देने की बात कही गई है। मामला नंदिनी नगर थाना क्षेत्र के ग्राम सहगांव का है। 7 अप्रैल को नवविवाहिता की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी और प्रारंभिक कार्रवाई शुरू की गई। चूंकि मामला विवाह के बाद एक नवविवाहिता की असामान्य परिस्थितियों में मौत से जुड़ा था, इसलिए उसके वैवाहिक जीवन और ससुराल में परिस्थितियों को लेकर भी जांच की गई। इसी दौरान दहेज मांगने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप सामने आए। पुलिस के अनुसार जांच में मिले तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई थी।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि शादी के बाद से ही महिला पर कथित रूप से दहेज को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने पर उसे मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। पुलिस इसी पहलू को उसकी आत्महत्या से जोड़कर जांच कर रही है। हालांकि मामले में आरोपों की अंतिम न्यायिक पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में होगी। घटना के बाद दर्ज किए गए प्रकरण में पुलिस ने परिवार के सदस्यों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से जानकारी जुटाई। इसी आधार पर आरोपियों की भूमिका की जांच आगे बढ़ी। पुलिस के मुताबिक प्रकरण दर्ज होते ही पति और ससुर अपने घर से गायब हो गए थे। उनके संभावित ठिकानों पर तलाश की गई, लेकिन वे हाथ नहीं आए। लगातार फरार रहने के कारण पुलिस उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही थी। इसी बीच मुखबिर से सिमगा क्षेत्र में दोनों के छिपे होने की सूचना मिली। जानकारी की पुष्टि के बाद टीम रवाना की गई। बताया जा रहा है कि आरोपियों को भनक न लगे, इसलिए पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की और फिर दोनों को पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए युवराज पटेल की उम्र 29 वर्ष और ओम प्रकाश पटेल की उम्र 58 वर्ष बताई गई है।
पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश करते हुए मामले से जुड़ी कार्रवाई की जानकारी दी, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया। Durg Dowry Harassment Case में पुलिस की जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। प्रकरण से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी देखी जा रही है और जो आरोपी फरार बताए गए हैं, उनकी तलाश जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान आरोपियों ने किन स्थानों पर शरण ली और किसके संपर्क में रहे। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नवविवाहिता की मौत के बाद से यह मामला करीब तीन महीने से जांच में था। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण पुलिस लगातार उनकी लोकेशन तलाश रही थी। सिमगा में मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई संभव हो सकी। दुर्ग से बाहर दूसरे क्षेत्र में आरोपियों के मिलने के कारण स्थानीय स्तर पर समन्वय कर कार्रवाई किए जाने की जानकारी है।
पुलिस के सामने अब मामले में फरार बताए जा रहे बाकी आरोपियों को पकड़ने के साथ पूरे घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों को अदालत के सामने रखने की प्रक्रिया है। जांच में यह देखा जा रहा है कि विवाह के बाद महिला के साथ किस तरह का व्यवहार हुआ, दहेज की कथित मांग कब और किस स्तर पर की गई और इसे लेकर परिवार के लोगों को क्या जानकारी थी। ऐसे मामलों में बयान, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। पुलिस ने फिलहाल पति और ससुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि बाकी आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश जारी है। घटना के बाद दर्ज मामले में शुरुआती जांच से लेकर गिरफ्तारी तक करीब तीन महीने का समय लगा। इस दौरान दोनों आरोपी पुलिस की पहुंच से बाहर रहे। सिमगा में उनके छिपे होने की सूचना पुलिस के लिए अहम साबित हुई।
टीम ने सूचना के आधार पर इलाके में पहुंचकर पहले दोनों की मौजूदगी की पुष्टि की और उसके बाद घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से आवश्यक पूछताछ और दस्तावेजी कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक जांच में नवविवाहिता को दहेज की मांग को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के आरोप सामने आए हैं। इन्हीं आरोपों और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनकी भूमिका को लेकर भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस फरार लोगों तक पहुंचने के लिए संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। नंदिनी नगर थाना पुलिस ने मामले की जांच जारी रखी है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग स्थानों पर तलाश की जा रही है।
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