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बालोद: तांदुला डेम में लापता मछुआरे का शव 36 घंटे बाद मिला, तेज तूफान में पलटी थी नाव
Balod
जिले के तांदुला डेम में गुरुवार से लापता मछुआरे सोमन निसाद (48 वर्ष) का शव 36 घंटे बाद डेम में तैरता हुआ बरामद किया गया। शव को एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। यह दर्दनाक हादसा बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम बोरिद का है, जहां सोमन मछली पकड़ने के दौरान तेज आंधी-तूफान की चपेट में आ गया था।
घटना के अनुसार, गुरुवार सुबह सोमन निसाद अन्य मछुआरों के साथ तांदुला डेम में मछली पकड़ने गया था। मछली पकड़ने के लिए जब वह जाल बिछा रहा था, उसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज हवाओं के चलते उसकी नाव (डोंगा) पलट गई। जहां अन्य मछुआरे किसी तरह सुरक्षित किनारे लौट आए, वहीं सोमन लापता हो गया।
लापता मछुआरे की तलाश में लगातार 36 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। जब ग्रामीणों को किनारे पर उसकी नाव और मछली पकड़ने का जाल लावारिस हालत में मिला, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। इसके बाद एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
शनिवार सुबह शव डेम में तैरता हुआ मिला, जिसे टीम ने निकाल कर बालोद अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ग्रामीणों और परिजनों में इस घटना के बाद शोक का माहौल है।
प्रशासन ने की अपील: प्रशासन ने सभी मछुआरों से खराब मौसम के दौरान जलाशयों में न जाने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
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बालोद: तांदुला डेम में लापता मछुआरे का शव 36 घंटे बाद मिला, तेज तूफान में पलटी थी नाव
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घटना के अनुसार, गुरुवार सुबह सोमन निसाद अन्य मछुआरों के साथ तांदुला डेम में मछली पकड़ने गया था। मछली पकड़ने के लिए जब वह जाल बिछा रहा था, उसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज हवाओं के चलते उसकी नाव (डोंगा) पलट गई। जहां अन्य मछुआरे किसी तरह सुरक्षित किनारे लौट आए, वहीं सोमन लापता हो गया।
लापता मछुआरे की तलाश में लगातार 36 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। जब ग्रामीणों को किनारे पर उसकी नाव और मछली पकड़ने का जाल लावारिस हालत में मिला, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। इसके बाद एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
शनिवार सुबह शव डेम में तैरता हुआ मिला, जिसे टीम ने निकाल कर बालोद अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ग्रामीणों और परिजनों में इस घटना के बाद शोक का माहौल है।
प्रशासन ने की अपील: प्रशासन ने सभी मछुआरों से खराब मौसम के दौरान जलाशयों में न जाने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
