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कर्ज उतारने के लिए बेटे ने रची ‘मौत’ की झूठी कहानी, पुलिस ने इंस्टाग्राम से किया भंडाफोड़
जांजगीर-चांपा। CG

कहते हैं, कर्ज इंसान को या तो मेहनती बना देता है या फिर अपराधी रास्ते पर ले जाता है। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया। यहां एक युवक ने अपने पिता पर चढ़े कर्ज को चुकाने के लिए खुद की मौत का नाटक रच डाला। उसने यह कहानी इतनी चालाकी से बुनी थी कि शुरुआत में सबको यकीन हो गया कि युवक नदी में कूदकर जान दे चुका है। लेकिन पुलिस की बारीक जांच और सोशल मीडिया की तकनीकी मदद से यह झूठ टिक नहीं पाया और पूरा राज खुल गया।
मौत की झूठी कहानी ऐसे रची गई
19 अगस्त को पामगढ़ थाने में तनौद निवासी तिलकराम श्रीवास ने अपने बेटे कौशल श्रीवास के लापता होने की सूचना दी। उसी दिन शिवनाथ नदी के पुल पर कौशल की स्कूटी, जूता और मोबाइल फोन मिले। देखने से यही लगा कि युवक ने नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है। SDRF और DRF की टीम कई घंटों तक नदी में तलाश करती रही, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इस बीच परिजनों और गांववालों के बीच मातम छा गया।
बीमा पॉलिसी बना असली मकसद
जांच में जो कहानी सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया। असल में कौशल के पिता पर करीब 1 लाख रुपए का कर्ज था। इस कर्ज को चुकाने के लिए कौशल ने अपने नाम पर 40 लाख रुपए की बीमा पॉलिसी करा रखी थी। उसकी योजना थी कि वह अपनी ‘झूठी मौत’ दिखाकर बीमा की रकम परिजनों तक पहुंचा दे। इसके लिए उसने फिल्मों से प्रेरित होकर यह साजिश रची।
इंस्टाग्राम ने खोला भेद
जहां एक ओर नदी में तलाश जारी थी, वहीं पुलिस की सायबर टीम ने युवक के सोशल मीडिया अकाउंट खंगाले। तभी 20 अगस्त को उसका इंस्टाग्राम अकाउंट एक्टिव पाया गया। इतना ही नहीं, उसने दिल्ली में रहने वाले अपने एक दोस्त को मैसेज भी किया था। दोस्त ने जब उसे अपने पास रखने से मना कर दिया तो वह वापस बिलासपुर लौट आया। यहीं से उसके भाई तक जानकारी पहुंची और पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पूछताछ में कबूल की सच्चाई
पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पूरा सच उगल दिया। कौशल ने बताया कि घर की आर्थिक परेशानियों और पिता के कर्ज से छुटकारा पाने के लिए उसने यह कदम उठाया। उसे लगा कि उसके मरने के बाद 40 लाख की बीमा राशि परिवार को मिल जाएगी और कर्ज उतर जाएगा।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
जांजगीर-चांपा के एसपी विजय कुमार पांडेय और एएसपी उमेश कश्यप ने बताया कि यह मामला एक बड़ी साजिश थी, लेकिन तकनीक की मदद से इसे समय रहते सुलझा लिया गया। फिलहाल युवक के खिलाफ कानूनन कार्रवाई की जा रही है।