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जबलपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर सख्त कार्रवाई: 8 MBBS छात्र 6 माह के लिए सस्पेंड, 10-10 हजार जुर्माना
जबलपुर(म.प्र.)
हॉस्टल में जूनियर से रैगिंग का मामला साबित, एंटी रैगिंग कमेटी की जांच के बाद NMC नियमों के तहत फैसला
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जांच में दोषी पाए गए एमबीबीएस थर्ड ईयर के 8 सीनियर छात्रों को छह महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही सभी पर 10-10 हजार रुपए का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के एंटी रैगिंग नियमों के तहत की गई है।
यह मामला कॉलेज के हॉस्टल नंबर-1 से जुड़ा है। एक जूनियर एमबीबीएस छात्र ने करीब एक सप्ताह पहले डीन कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में छात्र ने आरोप लगाया था कि सीनियर छात्रों ने उसे देर रात हॉस्टल में कमरे के बाहर खड़ा रखा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। छात्र ने इसे रैगिंग की श्रेणी में बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी ने मामले की औपचारिक जांच शुरू की। समिति ने पीड़ित छात्र के बयान दर्ज किए, साथ ही आरोपित छात्रों से भी पूछताछ की गई। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर एमबीबीएस थर्ड ईयर के आठ छात्रों को दोषी पाया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज प्रबंधन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सभी दोषी छात्रों को छह महीने के लिए कक्षाओं से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही उन्हें हॉस्टल से भी निष्कासित कर दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निलंबन की अवधि के दौरान छात्र किसी भी शैक्षणिक गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग, नई दिल्ली द्वारा 18 नवंबर 2021 को जारी गजट अधिसूचना के तहत की गई है। एनएमसी के नियमों में रैगिंग को गंभीर अपराध मानते हुए सस्पेंशन, जुर्माना और जरूरत पड़ने पर एफआईआर तक का प्रावधान किया गया है।
कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने कहा कि रैगिंग जैसी गतिविधियां मेडिकल शिक्षा की गरिमा और अनुशासन के खिलाफ हैं। उन्होंने बताया कि जूनियर छात्र की शिकायत को गंभीरता से लिया गया और निष्पक्ष जांच के बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई। डीन ने साफ कहा कि कॉलेज परिसर या हॉस्टल में रैगिंग को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद कॉलेज प्रशासन ने सभी छात्रों को एक बार फिर एंटी रैगिंग नियमों का पालन करने की चेतावनी दी है। साथ ही जूनियर छात्रों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की रैगिंग या दबाव की स्थिति में बिना डर के प्रशासन या एंटी रैगिंग हेल्पलाइन से संपर्क करें।
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