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खेलो इंडिया: खंडवा की दीपिका को केनोइंग में सिल्वर, कभी इंदिरा सागर में बहन संग मछली पकड़ती थीं
Khandwa, MP
खेलो इंडिया गेम्स के तहत कश्मीर में चल रही वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में खंडवा की 15 वर्षीय दीपिका ढीमर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 500 मीटर केनोइंग स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता।
दीपिका इंटरनेशनल गोल्ड मेडलिस्ट कावेरी ढीमर की छोटी बहन हैं। खास बात यह है कि कभी दोनों बहनें पिता का कर्ज चुकाने के लिए इंदिरा सागर बांध के बैकवॉटर में नाव चला कर मछली पकड़ा करती थीं। वहीं से उनके जीवन का नया सफर शुरू हुआ।
बहन की प्रेरणा बनी खिलाड़ी
दीपिका की बहन कावेरी अब तक इंटरनेशनल लेवल पर दर्जनों गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं और वर्तमान में नौसेना में चयनित हैं। कावेरी ने ही अपनी छोटी बहन को एकेडमी ज्वाइन कराई। दीपिका कई नेशनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं और अब इंटरनेशनल स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही हैं।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
ढीमर परिवार के कुल 9 भाई-बहन हैं। आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई और खेलों में शुरुआत मुश्किल रही, लेकिन मेहनत और लगन से दोनों बहनों ने जल क्रीड़ा में इतिहास रच दिया। कावेरी इन दिनों इटली में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
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Khandwa, MP
दीपिका इंटरनेशनल गोल्ड मेडलिस्ट कावेरी ढीमर की छोटी बहन हैं। खास बात यह है कि कभी दोनों बहनें पिता का कर्ज चुकाने के लिए इंदिरा सागर बांध के बैकवॉटर में नाव चला कर मछली पकड़ा करती थीं। वहीं से उनके जीवन का नया सफर शुरू हुआ।
बहन की प्रेरणा बनी खिलाड़ी
दीपिका की बहन कावेरी अब तक इंटरनेशनल लेवल पर दर्जनों गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं और वर्तमान में नौसेना में चयनित हैं। कावेरी ने ही अपनी छोटी बहन को एकेडमी ज्वाइन कराई। दीपिका कई नेशनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं और अब इंटरनेशनल स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही हैं।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
ढीमर परिवार के कुल 9 भाई-बहन हैं। आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई और खेलों में शुरुआत मुश्किल रही, लेकिन मेहनत और लगन से दोनों बहनों ने जल क्रीड़ा में इतिहास रच दिया। कावेरी इन दिनों इटली में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
