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भोपाल के नरेला में ₹24.78 करोड़ के विकास कार्य शुरू, सड़क-सीवेज और पानी पर फोकस
भोपाल (म.प्र.)
वार्ड 37 और 38 में दस विकास कार्यों का मंत्री विश्वास सारंग ने किया भूमिपूजन, नई सीवर लाइन से लेकर CC रोड, पेयजल नेटवर्क और पार्कों में बढ़ेंगी सुविधाएं
राजधानी भोपाल की नरेला विधानसभा में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए एक साथ दस विकास कार्यों की शुरुआत की गई है। वार्ड 37 और 38 में करीब 24 करोड़ 78 लाख रुपए की लागत से सड़क, सीवेज, पेयजल, नाली और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े काम किए जाएंगे। रविवार को सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इन कार्यों का भूमिपूजन किया। इसी दौरान कैलाश सारंग पार्क में तैयार ओपन जिम का लोकार्पण भी किया गया।
नरेला विधानसभा के तेजी से विकसित हो रहे रहवासी क्षेत्रों में लंबे समय से बुनियादी ढांचे के विस्तार की जरूरत महसूस की जा रही थी। नई परियोजनाओं में भूमिगत सीवर नेटवर्क बढ़ाने के साथ पेयजल पाइपलाइन, सड़क और नाली निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा पार्कों को व्यवस्थित करने और सार्वजनिक उपयोग की दूसरी सुविधाएं विकसित करने के काम भी शामिल किए गए हैं।
पूरे विकास पैकेज में वार्ड 37 के लिए करीब 8 करोड़ 4 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं। वहीं वार्ड 38 में लगभग 16 करोड़ 74 लाख रुपए खर्च किए जाने हैं। दोनों वार्डों को मिलाकर कुल दस प्रमुख काम शुरू किए गए हैं। इनका सीधा फायदा कई घनी आबादी वाली कॉलोनियों और आसपास के रहवासी क्षेत्रों को मिलने की उम्मीद है।
वार्ड 37 में सीवेज व्यवस्था को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया है। पुरुषोत्तम नगर, दुर्गा नगर, बापू कॉलोनी, विजय नगर और राजवीर कॉलोनी सहित आसपास की बस्तियों में सीवर नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। नई पाइपलाइन बिछने से घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
इन इलाकों में आबादी बढ़ने के साथ पुरानी सीवेज और ड्रेनेज व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ा है। बारिश के दिनों में कई जगह पानी जमा होने और गंदे पानी की निकासी से जुड़ी शिकायतें सामने आती रही हैं। प्रस्तावित सीवर नेटवर्क को इन्हीं समस्याओं के लंबे समय तक समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुरुषोत्तम नगर और विजय नगर में पेयजल व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। यहां नई पेयजल पाइपलाइन बिछाने और मौजूदा नेटवर्क का विस्तार करने की योजना है। इससे उन इलाकों तक पानी पहुंचाने में आसानी होगी, जहां आबादी बढ़ने के कारण पुराने नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
विकास कार्यों के भूमिपूजन के दौरान मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि शहर के विकास के साथ बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। सड़क और पार्क जैसी सुविधाओं के साथ सीवेज तथा पेयजल नेटवर्क को मजबूत करना भी शहरी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नई कॉलोनियों और बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बुनियादी सुविधाओं को हर क्षेत्र तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। विकास कार्यों में सभी वार्डों की जरूरतों को ध्यान में रखने की बात भी कही गई।
सीवरेज से जुड़े कई काम AMRUT योजना के तहत आगे बढ़ाए जाएंगे। इसका उद्देश्य घरों को व्यवस्थित सीवर नेटवर्क से जोड़ना और गंदे पानी की निकासी की बेहतर व्यवस्था तैयार करना है। भूमिगत नेटवर्क बनने के बाद खुले में बहने वाले गंदे पानी और उससे होने वाली परेशानी को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वार्ड 38 में विकास कार्यों का दायरा और बड़ा रखा गया है। यहां साईंराम कॉलोनी, सेमरा, शंकर नगर, स्वदेश नगर, एकतापुरी और पंत नगर सहित कई क्षेत्रों को परियोजनाओं में शामिल किया गया है। इन इलाकों में सीवर और पेयजल लाइन के साथ सड़क, नाली और दूसरी नागरिक सुविधाओं पर काम होगा।
वार्ड 38 में करीब 16 करोड़ 74 लाख रुपए के अलग-अलग काम प्रस्तावित हैं। इनमें सबसे बड़ी परियोजनाओं में एक नई सीसी रोड का निर्माण शामिल है। अशोका गार्डन थाने से एकतापुरी होते हुए सेमरा सब्जी मंडी तक सड़क तैयार की जाएगी। इस मार्ग पर रोज बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और व्यापारिक वाहनों की आवाजाही रहती है।
करीब 6 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली सीसी रोड से इस पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। मौजूदा सड़क पर यातायात का दबाव अधिक रहने के कारण स्थानीय लोगों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई सड़क बनने से सेमरा, एकतापुरी और आसपास की कॉलोनियों के लोगों की आवाजाही आसान हो सकेगी।
सेमरा सब्जी मंडी क्षेत्र व्यावसायिक गतिविधियों के कारण दिनभर व्यस्त रहता है। सब्जी विक्रेताओं, खरीदारों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क पर काफी दबाव रहता है। प्रस्तावित सड़क निर्माण के दौरान इस इलाके की जरूरतों को ध्यान में रखकर कनेक्टिविटी सुधारने की योजना बनाई गई है।
वार्ड 38 के अलग-अलग इलाकों में नालियों का निर्माण भी किया जाएगा। बारिश के दौरान पानी की निकासी बेहतर करने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने की योजना है। जिन स्थानों पर जलभराव की समस्या रहती है, वहां पानी को व्यवस्थित तरीके से निकालने के लिए नई नालियों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
साईंराम कॉलोनी, सेमरा और शंकर नगर सहित आसपास के रहवासी इलाकों में सीवेज पाइपलाइन का विस्तार किया जाएगा। घरों को मुख्य सीवर नेटवर्क से जोड़ने के बाद गंदे पानी की निकासी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। इससे स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होने के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और गंदगी की समस्या कम होने की उम्मीद है।
स्वदेश नगर, एकतापुरी और पंत नगर में भी नागरिक सुविधाओं से जुड़े अलग-अलग काम प्रस्तावित हैं। इन क्षेत्रों में जरूरत के मुताबिक सीवेज, पानी और सार्वजनिक स्थानों के विकास पर राशि खर्च की जाएगी। नगर निगम और संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
विकास पैकेज में पार्कों को भी शामिल किया गया है। कुछ पार्कों में बाउंड्रीवॉल बनाई जाएगी और सार्वजनिक उपयोग के लिए जगह को व्यवस्थित किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच निर्माण और खुले क्षेत्रों में पेवर ब्लॉक लगाने जैसे काम भी योजना का हिस्सा हैं।
सेमरा सब्जी मंडी चौराहे के आसपास सार्वजनिक सुविधा बढ़ाने के लिए नया शौचालय बनाने की योजना है। इस पर करीब 20 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। मंडी में रोज बड़ी संख्या में व्यापारियों और खरीदारों की आवाजाही को देखते हुए लंबे समय से बेहतर सार्वजनिक शौचालय की जरूरत महसूस की जा रही थी।
इसी कार्यक्रम के दौरान कैलाश सारंग पार्क में तैयार ओपन जिम को भी आम लोगों के लिए शुरू किया गया। पार्क में अलग-अलग तरह के आउटडोर फिटनेस उपकरण लगाए गए हैं। यहां युवा और बुजुर्ग बिना किसी निजी जिम की सदस्यता लिए खुले वातावरण में व्यायाम कर सकेंगे।
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि पार्कों को केवल घूमने की जगह तक सीमित रखने के बजाय स्वास्थ्य और सामुदायिक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है। ओपन जिम इसी सोच का हिस्सा है। लोगों को अपने घर के पास नियमित व्यायाम की सुविधा मिले, इसके लिए दूसरे पार्कों में भी ऐसी सुविधाओं का विस्तार करने की योजना है।
स्थानीय स्तर पर सड़क, सीवर और पानी से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही थी। कई कॉलोनियों में आबादी तेजी से बढ़ी है, लेकिन उसी अनुपात में पुरानी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पाया। नई परियोजनाओं में भविष्य की आबादी और बढ़ते शहरी क्षेत्र को ध्यान में रखकर नेटवर्क तैयार करने पर जोर दिया गया है।
नरेला विधानसभा भोपाल के तेजी से विस्तार करने वाले शहरी क्षेत्रों में शामिल है। पिछले कुछ वर्षों में यहां नई कॉलोनियों के साथ व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं। इससे सड़कों, पेयजल आपूर्ति, सीवेज और ड्रेनेज व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। नए कार्यों में इन्हीं बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है।
नगर निगम और संबंधित निर्माण एजेंसियां अलग-अलग परियोजनाओं पर चरणबद्ध तरीके से काम शुरू करेंगी। सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान स्थानीय यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए निर्माण की योजना अलग-अलग हिस्सों में बनाई जाएगी। सड़क निर्माण और दूसरे काम भी तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाए जाने हैं।
वार्ड 37 में 8.04 करोड़ और वार्ड 38 में 16.74 करोड़ रुपए के कार्यों के साथ कुल निवेश 24.78 करोड़ रुपए रखा गया है। इसमें सीवेज नेटवर्क और सड़क परियोजनाओं पर बड़ा हिस्सा खर्च होगा। पेयजल, नाली, पार्क, सार्वजनिक शौचालय और दूसरी स्थानीय सुविधाओं के लिए भी अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है।
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भोपाल (म.प्र.)
राजधानी भोपाल की नरेला विधानसभा में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए एक साथ दस विकास कार्यों की शुरुआत की गई है। वार्ड 37 और 38 में करीब 24 करोड़ 78 लाख रुपए की लागत से सड़क, सीवेज, पेयजल, नाली और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े काम किए जाएंगे। रविवार को सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इन कार्यों का भूमिपूजन किया। इसी दौरान कैलाश सारंग पार्क में तैयार ओपन जिम का लोकार्पण भी किया गया।
नरेला विधानसभा के तेजी से विकसित हो रहे रहवासी क्षेत्रों में लंबे समय से बुनियादी ढांचे के विस्तार की जरूरत महसूस की जा रही थी। नई परियोजनाओं में भूमिगत सीवर नेटवर्क बढ़ाने के साथ पेयजल पाइपलाइन, सड़क और नाली निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा पार्कों को व्यवस्थित करने और सार्वजनिक उपयोग की दूसरी सुविधाएं विकसित करने के काम भी शामिल किए गए हैं।
पूरे विकास पैकेज में वार्ड 37 के लिए करीब 8 करोड़ 4 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं। वहीं वार्ड 38 में लगभग 16 करोड़ 74 लाख रुपए खर्च किए जाने हैं। दोनों वार्डों को मिलाकर कुल दस प्रमुख काम शुरू किए गए हैं। इनका सीधा फायदा कई घनी आबादी वाली कॉलोनियों और आसपास के रहवासी क्षेत्रों को मिलने की उम्मीद है।
वार्ड 37 में सीवेज व्यवस्था को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया है। पुरुषोत्तम नगर, दुर्गा नगर, बापू कॉलोनी, विजय नगर और राजवीर कॉलोनी सहित आसपास की बस्तियों में सीवर नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। नई पाइपलाइन बिछने से घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
इन इलाकों में आबादी बढ़ने के साथ पुरानी सीवेज और ड्रेनेज व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ा है। बारिश के दिनों में कई जगह पानी जमा होने और गंदे पानी की निकासी से जुड़ी शिकायतें सामने आती रही हैं। प्रस्तावित सीवर नेटवर्क को इन्हीं समस्याओं के लंबे समय तक समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुरुषोत्तम नगर और विजय नगर में पेयजल व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। यहां नई पेयजल पाइपलाइन बिछाने और मौजूदा नेटवर्क का विस्तार करने की योजना है। इससे उन इलाकों तक पानी पहुंचाने में आसानी होगी, जहां आबादी बढ़ने के कारण पुराने नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
विकास कार्यों के भूमिपूजन के दौरान मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि शहर के विकास के साथ बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। सड़क और पार्क जैसी सुविधाओं के साथ सीवेज तथा पेयजल नेटवर्क को मजबूत करना भी शहरी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नई कॉलोनियों और बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बुनियादी सुविधाओं को हर क्षेत्र तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। विकास कार्यों में सभी वार्डों की जरूरतों को ध्यान में रखने की बात भी कही गई।
सीवरेज से जुड़े कई काम AMRUT योजना के तहत आगे बढ़ाए जाएंगे। इसका उद्देश्य घरों को व्यवस्थित सीवर नेटवर्क से जोड़ना और गंदे पानी की निकासी की बेहतर व्यवस्था तैयार करना है। भूमिगत नेटवर्क बनने के बाद खुले में बहने वाले गंदे पानी और उससे होने वाली परेशानी को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वार्ड 38 में विकास कार्यों का दायरा और बड़ा रखा गया है। यहां साईंराम कॉलोनी, सेमरा, शंकर नगर, स्वदेश नगर, एकतापुरी और पंत नगर सहित कई क्षेत्रों को परियोजनाओं में शामिल किया गया है। इन इलाकों में सीवर और पेयजल लाइन के साथ सड़क, नाली और दूसरी नागरिक सुविधाओं पर काम होगा।
वार्ड 38 में करीब 16 करोड़ 74 लाख रुपए के अलग-अलग काम प्रस्तावित हैं। इनमें सबसे बड़ी परियोजनाओं में एक नई सीसी रोड का निर्माण शामिल है। अशोका गार्डन थाने से एकतापुरी होते हुए सेमरा सब्जी मंडी तक सड़क तैयार की जाएगी। इस मार्ग पर रोज बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और व्यापारिक वाहनों की आवाजाही रहती है।
करीब 6 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली सीसी रोड से इस पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। मौजूदा सड़क पर यातायात का दबाव अधिक रहने के कारण स्थानीय लोगों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई सड़क बनने से सेमरा, एकतापुरी और आसपास की कॉलोनियों के लोगों की आवाजाही आसान हो सकेगी।
सेमरा सब्जी मंडी क्षेत्र व्यावसायिक गतिविधियों के कारण दिनभर व्यस्त रहता है। सब्जी विक्रेताओं, खरीदारों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क पर काफी दबाव रहता है। प्रस्तावित सड़क निर्माण के दौरान इस इलाके की जरूरतों को ध्यान में रखकर कनेक्टिविटी सुधारने की योजना बनाई गई है।
वार्ड 38 के अलग-अलग इलाकों में नालियों का निर्माण भी किया जाएगा। बारिश के दौरान पानी की निकासी बेहतर करने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने की योजना है। जिन स्थानों पर जलभराव की समस्या रहती है, वहां पानी को व्यवस्थित तरीके से निकालने के लिए नई नालियों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
साईंराम कॉलोनी, सेमरा और शंकर नगर सहित आसपास के रहवासी इलाकों में सीवेज पाइपलाइन का विस्तार किया जाएगा। घरों को मुख्य सीवर नेटवर्क से जोड़ने के बाद गंदे पानी की निकासी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। इससे स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होने के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और गंदगी की समस्या कम होने की उम्मीद है।
स्वदेश नगर, एकतापुरी और पंत नगर में भी नागरिक सुविधाओं से जुड़े अलग-अलग काम प्रस्तावित हैं। इन क्षेत्रों में जरूरत के मुताबिक सीवेज, पानी और सार्वजनिक स्थानों के विकास पर राशि खर्च की जाएगी। नगर निगम और संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
विकास पैकेज में पार्कों को भी शामिल किया गया है। कुछ पार्कों में बाउंड्रीवॉल बनाई जाएगी और सार्वजनिक उपयोग के लिए जगह को व्यवस्थित किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच निर्माण और खुले क्षेत्रों में पेवर ब्लॉक लगाने जैसे काम भी योजना का हिस्सा हैं।
सेमरा सब्जी मंडी चौराहे के आसपास सार्वजनिक सुविधा बढ़ाने के लिए नया शौचालय बनाने की योजना है। इस पर करीब 20 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। मंडी में रोज बड़ी संख्या में व्यापारियों और खरीदारों की आवाजाही को देखते हुए लंबे समय से बेहतर सार्वजनिक शौचालय की जरूरत महसूस की जा रही थी।
इसी कार्यक्रम के दौरान कैलाश सारंग पार्क में तैयार ओपन जिम को भी आम लोगों के लिए शुरू किया गया। पार्क में अलग-अलग तरह के आउटडोर फिटनेस उपकरण लगाए गए हैं। यहां युवा और बुजुर्ग बिना किसी निजी जिम की सदस्यता लिए खुले वातावरण में व्यायाम कर सकेंगे।
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि पार्कों को केवल घूमने की जगह तक सीमित रखने के बजाय स्वास्थ्य और सामुदायिक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है। ओपन जिम इसी सोच का हिस्सा है। लोगों को अपने घर के पास नियमित व्यायाम की सुविधा मिले, इसके लिए दूसरे पार्कों में भी ऐसी सुविधाओं का विस्तार करने की योजना है।
स्थानीय स्तर पर सड़क, सीवर और पानी से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही थी। कई कॉलोनियों में आबादी तेजी से बढ़ी है, लेकिन उसी अनुपात में पुरानी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पाया। नई परियोजनाओं में भविष्य की आबादी और बढ़ते शहरी क्षेत्र को ध्यान में रखकर नेटवर्क तैयार करने पर जोर दिया गया है।
नरेला विधानसभा भोपाल के तेजी से विस्तार करने वाले शहरी क्षेत्रों में शामिल है। पिछले कुछ वर्षों में यहां नई कॉलोनियों के साथ व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं। इससे सड़कों, पेयजल आपूर्ति, सीवेज और ड्रेनेज व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। नए कार्यों में इन्हीं बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है।
नगर निगम और संबंधित निर्माण एजेंसियां अलग-अलग परियोजनाओं पर चरणबद्ध तरीके से काम शुरू करेंगी। सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान स्थानीय यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए निर्माण की योजना अलग-अलग हिस्सों में बनाई जाएगी। सड़क निर्माण और दूसरे काम भी तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाए जाने हैं।
वार्ड 37 में 8.04 करोड़ और वार्ड 38 में 16.74 करोड़ रुपए के कार्यों के साथ कुल निवेश 24.78 करोड़ रुपए रखा गया है। इसमें सीवेज नेटवर्क और सड़क परियोजनाओं पर बड़ा हिस्सा खर्च होगा। पेयजल, नाली, पार्क, सार्वजनिक शौचालय और दूसरी स्थानीय सुविधाओं के लिए भी अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है।
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