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इंदौर भागीरथपुरा दूषित पानी मामला संसद पहुंचा: राज्यसभा में सरकार से सवाल, मप्र विधानसभा में भी विपक्ष करेगा घेराव
इंदौर (म.प्र.)
स्वच्छ शहर इंदौर की जल आपूर्ति व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, कांग्रेस ने संसद से लेकर विधानसभा तक बनाई घेरने की रणनीति
इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचाने जाने वाले इंदौर की छवि पर अब संसद के भीतर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल पीने से हुई मौतों का मामला अब स्थानीय स्तर से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डॉ. सैयद नासिर हुसैन ने राज्यसभा में इंदौर की जल आपूर्ति, स्वच्छता और सीवरेज व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार से सीधे सवाल पूछे हैं।
डॉ. हुसैन द्वारा पूछे गए प्रश्नों के जवाब सोमवार, 2 फरवरी 2026 को जल शक्ति मंत्री राज्यसभा में देंगे। इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंदौर दौरे के दौरान इस मुद्दे को संसद में उठाने की घोषणा की थी। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी स्पष्ट कर चुके हैं कि 16 फरवरी से शुरू होने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र में इस मामले को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
राज्यसभा में पूछे गए सवालों में डॉ. हुसैन ने यह जानना चाहा है कि आखिर किन कारणों से इंदौर का स्थानीय स्वच्छता, सीवरेज और जल वितरण सिस्टम विफल हुआ, जिससे दूषित सीवरेज का पानी पेयजल लाइनों में मिल गया। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या केंद्र सरकार को जनवरी 2026 में भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने से जुड़ी रिपोर्ट्स की जानकारी है।
संसद में सवाल सूचीबद्ध होते ही इंदौर नगर निगम और प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा सचिवालय ने इन प्रश्नों पर जल शक्ति मंत्रालय से बिंदुवार जवाब मांगे हैं, जिसके चलते निगम को शुक्रवार शाम तक आवश्यक तथ्य और रिपोर्ट्स सरकार को भेजनी पड़ीं। यह प्रश्न राज्यसभा प्रश्न संख्या एस-1137 के तहत दर्ज किए गए हैं।
यह मामला पहले से ही मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में विचाराधीन है, जहां नगर निगम और प्रशासन को सख्त टिप्पणियों का सामना करना पड़ रहा है। अब संसद में मामला पहुंचने के बाद अधिकारी अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। अफसरों का मानना है कि जवाबों में किसी भी तरह की चूक इंदौर की ‘स्वच्छ शहर’ की ब्रांड इमेज को नुकसान पहुंचा सकती है और विपक्ष को बड़ा राजनीतिक हथियार मिल सकता है।
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि यह सिर्फ इंदौर के एक वार्ड का मामला नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में जल आपूर्ति व्यवस्था की विफलता को उजागर करता है। कांग्रेस का कहना है कि सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को साफ पानी नहीं मिल पा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि विधानसभा में सरकार से पूछा जाएगा कि दूषित पानी से जिन लोगों की जान गई, उनकी जिम्मेदारी किसकी है और अब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। कांग्रेस का दावा है कि संसद और विधानसभा दोनों मंचों पर इस मुद्दे को उठाकर सरकार को जवाबदेह बनाया जाएगा।
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