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एनबीसीसी को एमओयू 2024–25 में ‘उत्कृष्ट’ रेटिंग, गुणवत्ता और संधारणीयता में नेतृत्व की पुष्टि
डिजिटल डेस्क
97.58 अंकों के साथ नव-रत्न सीपीएसई ने दो वर्ष लगातार उत्कृष्टता हासिल की; परियोजना प्रबंधन, रियल एस्टेट और विदेशी परियोजनाओं में प्रदर्शन सराहा गया
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन आने वाली नवरत्न सीपीएसई, एनबीसीसी (इंडिया) ने एमओयू मूल्यांकन वर्ष 2024–25 में ‘उत्कृष्ट’ रेटिंग प्राप्त की है। इस वर्ष एनबीसीसी को 97.58 अंक मिले, जो निगम की परियोजना निष्पादन, गुणवत्ता मानकों, संधारणीयता और कॉर्पोरेट गवर्नेंस में सशक्त प्रदर्शन का संकेत है। पिछले वर्ष 2023–24 में भी कंपनी को ‘उत्कृष्ट’ रेटिंग प्राप्त हुई थी, जिससे इसकी लगातार सफलता की स्थिति स्पष्ट होती है।
एमओयू रेटिंग में यह उपलब्धि एनबीसीसी की पुनर्विकास, परियोजना प्रबंधन परामर्श (PMC), रियल एस्टेट विकास और विदेशी परियोजनाओं में जटिल और बड़े पैमाने पर कार्य संपादन की क्षमता को दर्शाती है। कंपनी ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने, सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों का पालन करने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार निर्माण प्रथाओं को अपनाने के माध्यम से उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है।
एनबीसीसी प्रमुख सरकारी पहलों में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विशेष रूप से सरकारी आवास और कार्यालय परिसरों के पुनर्विकास में कंपनी ने नियोजित शहरी विकास और ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण में योगदान दिया है। इसके तहत हरित भवन मानदंड, संसाधन दक्षता और आधुनिक निर्माण तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया गया है।
एनबीसीसी के अधिकारियों ने कहा कि यह सफलता कंपनी के कार्यबल की निष्ठा और पेशेवर क्षमता को रेखांकित करती है और हितधारकों, सेवार्थियों और भागीदार एजेंसियों के विश्वास का प्रतिबिंब है। उन्होंने बताया कि मजबूत ऑर्डर बुक, PMC वर्क्स, PSU भूमि मुद्रीकरण, रियल एस्टेट विकास और विदेशी विस्तार पर रणनीतिक फोकस के साथ कंपनी भारत की अवसंरचना और शहरी रूपांतरण यात्रा में सार्थक योगदान देने के लिए अच्छी स्थिति में है।
एनबीसीसी की यह उपलब्धि एमओयू मूल्यांकन में सतत उत्कृष्टता और गुणवत्ता प्रबंधन के महत्व को भी दर्शाती है। कंपनी ने लगातार जटिल परियोजनाओं का सफल निष्पादन किया है, जिसमें समय पर डिलीवरी, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और संसाधन दक्षता के साथ नवाचार शामिल हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि एनबीसीसी की यह दो बार लगातार उत्कृष्ट रेटिंग न केवल इसकी कॉर्पोरेट प्रतिष्ठा को मजबूत करती है, बल्कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की परियोजनाओं में भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद करेगी। भविष्य में भी कंपनी की रणनीति, पुनर्विकास और रियल एस्टेट के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने की संकेत देती है।
एनबीसीसी की यह उपलब्धि यह स्पष्ट करती है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भी आधुनिक प्रौद्योगिकी, गुणवत्ता प्रबंधन और संधारणीय निर्माण प्रथाओं में उच्च मानक स्थापित कर सकती हैं, और देश के शहरी और अवसंरचना विकास लक्ष्यों को पूरा करने में निर्णायक योगदान दे सकती हैं।
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