- Hindi News
- धर्म
- आज का पंचांग: 13 जुलाई 2025, रविवार
आज का पंचांग: 13 जुलाई 2025, रविवार
Dharam Desk
श्रावण कृष्ण तृतीया पर अग्नि देवता का प्रभाव, कलात्मक कार्यों के लिए श्रेष्ठ दिन
श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि आज रविवार को पड़ रही है। यह तिथि अग्नि देवता को समर्पित मानी जाती है और नवाचार, रचनात्मकता व कला से जुड़ी गतिविधियों के लिए अत्यंत शुभ मानी गई है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज श्रवण नक्षत्र और प्रीति योग का संयोग भी विशेष फलदायी रहेगा।
13 जुलाई 2025 का विस्तृत पंचांग
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| विक्रम संवत | 2081 |
| मास | श्रावण |
| पक्ष | कृष्ण |
| तिथि | तृतीया (रात्रि तक) |
| वार | रविवार |
| नक्षत्र | श्रवण |
| योग | प्रीति |
| करण | वणिज |
| चंद्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | मिथुन |
| सूर्योदय | सुबह 06:01 बजे |
| सूर्यास्त | शाम 07:28 बजे |
| चंद्रोदय | रात 09:22 बजे |
| चंद्रास्त | सुबह 07:41 बजे |
| राहुकाल | शाम 05:47 से 07:28 बजे तक |
| यमगंड काल | दोपहर 12:45 से 02:25 बजे तक |
विशेष योग और नक्षत्र का प्रभाव
आज का श्रवण नक्षत्र, चंद्रमा की सत्ता वाला गतिशील तारा है, जिसके देवता भगवान हरि हैं। यह नक्षत्र यात्राओं, सामाजिक मेल-जोल, शॉपिंग, वाहन क्रय, अस्थायी कार्य, बागवानी व कलात्मक गतिविधियों के लिए विशेष रूप से अनुकूल है।
आज के वर्जित मुहूर्त
-
राहुकाल: शाम 5:47 से 7:28 बजे तक
-
यमगंड काल: दोपहर 12:45 से 2:25 बजे तक
-
शुभ कार्यों जैसे मुंडन, गृह प्रवेश, नामकरण, नया व्यापार आदि से इन समयों में परहेज करें।
ज्योतिष संकेत: आज अग्नि तत्त्व प्रभावी रहेगा, ऐसे में कोई भी रचनात्मक कार्य प्रारंभ करने, कला-संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने तथा संकल्प शक्ति को मजबूत करने का उत्तम अवसर है।
श्रावण मास की इस तृतीया पर भगवान शिव और अग्नि देव का पूजन विशेष फलदायी माना जाता है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
आज का पंचांग: 13 जुलाई 2025, रविवार
Dharam Desk
श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि आज रविवार को पड़ रही है। यह तिथि अग्नि देवता को समर्पित मानी जाती है और नवाचार, रचनात्मकता व कला से जुड़ी गतिविधियों के लिए अत्यंत शुभ मानी गई है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज श्रवण नक्षत्र और प्रीति योग का संयोग भी विशेष फलदायी रहेगा।
13 जुलाई 2025 का विस्तृत पंचांग
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| विक्रम संवत | 2081 |
| मास | श्रावण |
| पक्ष | कृष्ण |
| तिथि | तृतीया (रात्रि तक) |
| वार | रविवार |
| नक्षत्र | श्रवण |
| योग | प्रीति |
| करण | वणिज |
| चंद्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | मिथुन |
| सूर्योदय | सुबह 06:01 बजे |
| सूर्यास्त | शाम 07:28 बजे |
| चंद्रोदय | रात 09:22 बजे |
| चंद्रास्त | सुबह 07:41 बजे |
| राहुकाल | शाम 05:47 से 07:28 बजे तक |
| यमगंड काल | दोपहर 12:45 से 02:25 बजे तक |
विशेष योग और नक्षत्र का प्रभाव
आज का श्रवण नक्षत्र, चंद्रमा की सत्ता वाला गतिशील तारा है, जिसके देवता भगवान हरि हैं। यह नक्षत्र यात्राओं, सामाजिक मेल-जोल, शॉपिंग, वाहन क्रय, अस्थायी कार्य, बागवानी व कलात्मक गतिविधियों के लिए विशेष रूप से अनुकूल है।
आज के वर्जित मुहूर्त
-
राहुकाल: शाम 5:47 से 7:28 बजे तक
-
यमगंड काल: दोपहर 12:45 से 2:25 बजे तक
-
शुभ कार्यों जैसे मुंडन, गृह प्रवेश, नामकरण, नया व्यापार आदि से इन समयों में परहेज करें।
ज्योतिष संकेत: आज अग्नि तत्त्व प्रभावी रहेगा, ऐसे में कोई भी रचनात्मक कार्य प्रारंभ करने, कला-संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने तथा संकल्प शक्ति को मजबूत करने का उत्तम अवसर है।
श्रावण मास की इस तृतीया पर भगवान शिव और अग्नि देव का पूजन विशेष फलदायी माना जाता है।
