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सावन की पुत्रदा एकादशी पर महाकाल का दिव्य श्रृंगार, तड़के 3 बजे हुआ भस्म आरती अभिषेक
UJJAIN, MP
5 अगस्त 2025, मंगलवार — श्रावण शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल का दिव्य और अलौकिक श्रृंगार किया गया। सुबह तड़के 3 बजे मंदिर के कपाट खोले गए और भस्म आरती से पहले जल, दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बना पंचामृत अभिषेक किया गया।
इसके बाद भगवान को भस्म अर्पित की गई, जो इस मंदिर की सबसे विशिष्ट और विश्वविख्यात पूजा परंपरा है। आज के दिव्य श्रृंगार में महाकाल को:
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रजत शेषनाग मुकुट
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चांदी की मुण्डमाला
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रुद्राक्ष की माला
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सुगंधित पुष्पों से बनी फूलों की माला
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ड्रायफ्रूट का विशेष श्रृंगार
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फल-मिष्ठान का भोग
से सजाया गया।
श्रावण मास के इस पावन पर्व पर देशभर से आए श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन और मंदिर परिसर में इस दिव्य दर्शन का लाभ उठाया। महाकाल की अलौकिक छवि ने भक्तों को भक्ति, भव्यता और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का साक्षात्कार कराया।
भक्ति में लीन उज्जैन:
तड़के मंदिर परिसर में मंत्रों की गूंज, धूप-दीप की सुगंध और शंखध्वनि के साथ महाकाल की महिमा हर दिशा में गूंज उठी।

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सावन की पुत्रदा एकादशी पर महाकाल का दिव्य श्रृंगार, तड़के 3 बजे हुआ भस्म आरती अभिषेक
UJJAIN, MP
5 अगस्त 2025, मंगलवार — श्रावण शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल का दिव्य और अलौकिक श्रृंगार किया गया। सुबह तड़के 3 बजे मंदिर के कपाट खोले गए और भस्म आरती से पहले जल, दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बना पंचामृत अभिषेक किया गया।
इसके बाद भगवान को भस्म अर्पित की गई, जो इस मंदिर की सबसे विशिष्ट और विश्वविख्यात पूजा परंपरा है। आज के दिव्य श्रृंगार में महाकाल को:
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रजत शेषनाग मुकुट
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चांदी की मुण्डमाला
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रुद्राक्ष की माला
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सुगंधित पुष्पों से बनी फूलों की माला
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ड्रायफ्रूट का विशेष श्रृंगार
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फल-मिष्ठान का भोग
से सजाया गया।
श्रावण मास के इस पावन पर्व पर देशभर से आए श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन और मंदिर परिसर में इस दिव्य दर्शन का लाभ उठाया। महाकाल की अलौकिक छवि ने भक्तों को भक्ति, भव्यता और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का साक्षात्कार कराया।
भक्ति में लीन उज्जैन:
तड़के मंदिर परिसर में मंत्रों की गूंज, धूप-दीप की सुगंध और शंखध्वनि के साथ महाकाल की महिमा हर दिशा में गूंज उठी।

