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एमपी बनेगा मेट्रो रेल निर्माण का नया केंद्र, रायसेन में बीईएमएल की यूनिट स्थापित होगी
Bhopal, MP
मध्य प्रदेश अब देश के मेट्रो और शहरी परिवहन ढांचे के विकास में एक अहम भूमिका निभाने को तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेंगलुरु स्थित बीईएमएल (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) के अत्याधुनिक संयंत्र का दौरा कर 2100वें मेट्रो कोच को राष्ट्र को समर्पित किया।
इसी अवसर पर उन्होंने रायसेन जिले के उमरिया क्षेत्र में बीईएमएल की नई मेट्रो कोच निर्माण यूनिट के लिए भूमि आवंटन-पत्र भी सौंपा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि बीईएमएल में निर्मित 2100वां मेट्रो कोच भारत की उन्नत निर्माण क्षमता, स्वदेशी तकनीक और इंजीनियरिंग कौशल का प्रतीक है।
रायसेन में यूनिट से खुलेगा औद्योगिक विकास का नया द्वार
नई यूनिट की स्थापना से प्रदेश में औद्योगिक इकोसिस्टम को नई मजबूती मिलेगी। इससे न सिर्फ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि एमएसएमई सेक्टर और स्थानीय समुदायों को भी सीधा लाभ मिलेगा। प्रस्तावित यूनिट में मुख्य रूप से मेट्रो कोच और अन्य रोलिंग स्टॉक का निर्माण किया जाएगा, जो देशभर की मेट्रो परियोजनाओं के लिए सहायक सिद्ध होगा।
बीईएमएल चेयरमैन का भरोसा: रायसेन यूनिट बनेगी नगरीय रेल विकास का आधार
बीईएमएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शांतनु रॉय ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि रायसेन में बनने वाली नई यूनिट नगरीय रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को और अधिक गति देगी। उन्होंने बताया कि कंपनी अपने नवाचार, गुणवत्ता और स्वदेशी तकनीक पर भरोसा रखती है और मेट्रो कोच निर्माण के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित है।
उन्नत तकनीक से लैस 2100वां मेट्रो कोच
इस अवसर पर जिस 2100वें मेट्रो कोच को हरी झंडी दिखाई गई, वह दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के माध्यम से मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए तैयार किया गया है। यह ड्राइवरलेस ऑपरेशन (यूटीओ) तकनीक से लैस है और इसमें ऑन बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।
इस कोच में रेल ट्रैक की स्थिति, ओवरहेड उपकरण की निगरानी, पैंटोग्राफ संपर्क, आर्क डिटेक्शन और रेल प्रोफाइल विश्लेषण जैसी कई तकनीकी खूबियां हैं, जो पहली बार भारत में किसी मेट्रो कोच में देखी जा रही हैं। यात्रियों के लिए इसमें एर्गोनॉमिक इंटीरियर, डिजिटल सुरक्षा, एडवांस एसी सिस्टम और साइकिल स्टैंड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
भूमि आवंटन को मिली स्वीकृति
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार ने बीईएमएल को रायसेन जिले में लगभग 60 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है। इस भूमि पर निर्माण होने वाला संयंत्र भारत की रेल और मेट्रो परियोजनाओं को नई ऊंचाई देगा।
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एमपी बनेगा मेट्रो रेल निर्माण का नया केंद्र, रायसेन में बीईएमएल की यूनिट स्थापित होगी
Bhopal, MP
इसी अवसर पर उन्होंने रायसेन जिले के उमरिया क्षेत्र में बीईएमएल की नई मेट्रो कोच निर्माण यूनिट के लिए भूमि आवंटन-पत्र भी सौंपा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि बीईएमएल में निर्मित 2100वां मेट्रो कोच भारत की उन्नत निर्माण क्षमता, स्वदेशी तकनीक और इंजीनियरिंग कौशल का प्रतीक है।
रायसेन में यूनिट से खुलेगा औद्योगिक विकास का नया द्वार
नई यूनिट की स्थापना से प्रदेश में औद्योगिक इकोसिस्टम को नई मजबूती मिलेगी। इससे न सिर्फ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि एमएसएमई सेक्टर और स्थानीय समुदायों को भी सीधा लाभ मिलेगा। प्रस्तावित यूनिट में मुख्य रूप से मेट्रो कोच और अन्य रोलिंग स्टॉक का निर्माण किया जाएगा, जो देशभर की मेट्रो परियोजनाओं के लिए सहायक सिद्ध होगा।
बीईएमएल चेयरमैन का भरोसा: रायसेन यूनिट बनेगी नगरीय रेल विकास का आधार
बीईएमएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शांतनु रॉय ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि रायसेन में बनने वाली नई यूनिट नगरीय रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को और अधिक गति देगी। उन्होंने बताया कि कंपनी अपने नवाचार, गुणवत्ता और स्वदेशी तकनीक पर भरोसा रखती है और मेट्रो कोच निर्माण के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित है।
उन्नत तकनीक से लैस 2100वां मेट्रो कोच
इस अवसर पर जिस 2100वें मेट्रो कोच को हरी झंडी दिखाई गई, वह दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के माध्यम से मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए तैयार किया गया है। यह ड्राइवरलेस ऑपरेशन (यूटीओ) तकनीक से लैस है और इसमें ऑन बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।
इस कोच में रेल ट्रैक की स्थिति, ओवरहेड उपकरण की निगरानी, पैंटोग्राफ संपर्क, आर्क डिटेक्शन और रेल प्रोफाइल विश्लेषण जैसी कई तकनीकी खूबियां हैं, जो पहली बार भारत में किसी मेट्रो कोच में देखी जा रही हैं। यात्रियों के लिए इसमें एर्गोनॉमिक इंटीरियर, डिजिटल सुरक्षा, एडवांस एसी सिस्टम और साइकिल स्टैंड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
भूमि आवंटन को मिली स्वीकृति
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार ने बीईएमएल को रायसेन जिले में लगभग 60 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है। इस भूमि पर निर्माण होने वाला संयंत्र भारत की रेल और मेट्रो परियोजनाओं को नई ऊंचाई देगा।
