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मुरैना में संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल से चरमराईं स्वास्थ्य सेवाएं, मरीज बेहाल
Morena
जिले में संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल रविवार को भी जारी रही, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। जिला अस्पताल, जहां प्रतिदिन 300 से 400 मरीजों की ओपीडी होती थी, अब वहां मरीजों की देखभाल करने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है।
vइमरजेंसी से लेकर वार्ड तक स्थिति गंभीर
अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं, सर्जिकल और मेडिकल वार्ड, सभी जगह कामकाज ठप है। मरीजों को डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवाइयां भी नहीं मिल पा रही हैं। स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गर्मी ने बढ़ाई मरीजों की परेशानी
तेज गर्मी के चलते डिहाइड्रेशन, बुखार और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। भर्ती मरीजों को ड्रिप चढ़ाने तक के लिए स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं हैं, जिससे मजबूरन कई मरीज निजी अस्पतालों में इलाज कराने को बाध्य हो रहे हैं।
गंभीर मरीजों को रेफर किया जा रहा ग्वालियर
दुर्घटना और अन्य गंभीर मामलों में मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया जा रहा है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर उचित इलाज की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। अस्पताल प्रबंधन भी स्थिति को संभालने में असमर्थ नजर आ रहा है।
फिलहाल समाधान नहीं
जिलेभर में स्वास्थ्य सेवाओं के ठप होने से आमजन बेहद परेशान हैं। अस्पताल प्रशासन के पास इस संकट से तत्काल निपटने के लिए कोई प्रभावी योजना नहीं है। संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
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vइमरजेंसी से लेकर वार्ड तक स्थिति गंभीर
अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं, सर्जिकल और मेडिकल वार्ड, सभी जगह कामकाज ठप है। मरीजों को डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवाइयां भी नहीं मिल पा रही हैं। स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गर्मी ने बढ़ाई मरीजों की परेशानी
तेज गर्मी के चलते डिहाइड्रेशन, बुखार और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। भर्ती मरीजों को ड्रिप चढ़ाने तक के लिए स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं हैं, जिससे मजबूरन कई मरीज निजी अस्पतालों में इलाज कराने को बाध्य हो रहे हैं।
गंभीर मरीजों को रेफर किया जा रहा ग्वालियर
दुर्घटना और अन्य गंभीर मामलों में मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया जा रहा है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर उचित इलाज की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। अस्पताल प्रबंधन भी स्थिति को संभालने में असमर्थ नजर आ रहा है।
फिलहाल समाधान नहीं
जिलेभर में स्वास्थ्य सेवाओं के ठप होने से आमजन बेहद परेशान हैं। अस्पताल प्रशासन के पास इस संकट से तत्काल निपटने के लिए कोई प्रभावी योजना नहीं है। संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
